
अशरफ अली भोपाल। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस अभ्युदय मप्र के अवसर पर राजधानी भोपाल शुक्रवार रात लोक संस्कृति के रंगों में डूब गई। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रदेश भर से आए लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। ढोल, मंजीरे और बांसुरी की धुनों पर सजे-धजे कलाकारों ने नागरिकों को स्थापना दिवस समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आमंत्रण दिया।
राजधानी के न्यू मार्केट, बोर्ड ऑफिस क्षेत्र और छोला दशहरा मैदान जैसे व्यस्त इलाकों में लोक कलाकारों के समूहों ने गोंड, कलबेलिया, निर्गुण, भगोरिया और राई नृत्य की प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राहगीर रुककर कलाकारों के साथ झूमते नजर आए।
संस्कृति विभाग के अधिकारियों के अनुसार,अभ्युदय मप्र कार्यक्रम के अंतर्गत यह पहल लोक परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाने और नागरिकों में प्रदेश गौरव की भावना जगाने के उद्देश्य से की जा रही है। शनिवार को लाल परेड ग्राउंड में होने वाले मुख्य सांस्कृतिक आयोजन के लिए शहर का माहौल पूरी तरह से उत्सवमय हो गया है।
