नयी दिल्ली, (वार्ता) हिंदी के प्रसिद्ध लेखक प्रोफेसर रामदरस मिश्र का शुक्रवार को यहां निधन हो गया।
प्रोफेसर मिश्र के परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अपनी शताब्दी यात्रा पूरी कर चुके डॉ मिश्र ने शुक्रवार को यहां द्वारिका स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली। शनिवार एक नवंबर को पालम श्मशान घाट पर डॉ मिश्र का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

प्रोफेसर रामदरश मिश्र समकालीन हिन्दी साहित्य के महत्वपूर्ण और बहुचर्चित रचनाकार हैं और उन्होंने कविता, उपन्यास, कहानी, संस्मरण और आलोचना जैसी विविध विधाओं में कई कृतियां हिंदी साहित्य को दी। उनकी प्रमुख काव्य-कृतियों में पथ के गीत, पक गई है धूप, कंधे पर सूरज और आग जो बुझी नहीं उल्लेखनीय हैं जबकि उनके उपन्यास जल टूटता हुआ, पानी के प्राचीर और अपने लोग विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। खाली घर, एक वह और सर्पदंश कहानी संग्रह है।

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