सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के. ने देव उठनी ग्यारस पर जिले में संभावित बाल विवाह की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किए हैं.
कलेक्टर बालागुरू के. ने निर्देश दिए हैं कि 01 नवम्बर को आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह समारोहों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी स्थिति में नाबालिग वर-वधु का विवाह न होने दिया जाए. बाल विवाह की रोकथाम के लिए उडऩ दस्ता दल गठित किए गए हैं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला वन स्टॉप सेंटर में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका नंबर 07562221666 है।
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने के लिए सभी संबंधित विभागो को समन्वय के साथ सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इस अवसर पर बाल विवाह की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे. इसके साथ ही बाल विवाह करवाने, प्रोत्साहित करने या उसमें सहभागी होने वालों—जैसे कि बाराती, विवाह स्थल संचालक, टेंट हाउस, केटरर, पंडित या मौलवी—सभी के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए. कलेक्टर बालागुरू के. ने निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी विवाह समारोह में वर की आयु 21 वर्ष से कम तथा वधु की आयु 18 वर्ष से कम न हो. ऐसे प्रकरण सामने आने पर विवाह तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं.
