तिरुवनंतपुरम, 30 अक्टूबर (वार्ता) केरल सरकार ने अपने कल्याणकारी नेटवर्क का बड़ा विस्तार करते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1,600 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है जिससे राज्य के लगभग 62 लाख लोगों को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगाये गये कड़े वित्तीय प्रतिबंधों के बावजूद राज्य सरकार अपनी सामाजिक सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को जारी रखेगी।
राज्य सरकार ने हाशिए पर रह रहे समूहों की मदद करने और युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार लाने के उद्देश्य से दो नई पहलों की भी घोषणा की है। स्त्री सुरक्षा पेंशन योजना के तहत उन महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह की मदद दी जाएगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और 35 से 60 वर्ष की आयु के बीच की हैं। इस योजना में ट्रांसजेंडर महिलाएं भी शामिल हैं।
इस योजना के 31.34 लाख से अधिक महिलाओं तक पहुंचने और इस पर 3,800 करोड़ रुपये सालाना खर्च होने की उम्मीद है। कनेक्ट-टू-वर्क स्कॉलरशिप के तहत एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के 18 से 30 वर्ष की आयु के पांच लाख युवाओं को 1,000 रुपये का मासिक वजीफा दिया जाएगा।
इस योजना का पात्र होने के लिए उन्हें बारहवीं, आईटीआई, डिप्लोमा या डिग्री पूरी करनी होगी और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकित होना होगा या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी होगी। इस पहल पर सालाना लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने बढ़ी हुई पेंशन और नई योजनाओं को मानवीय गरिमा को बनाए रखने और कमजोर नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक सचेत राजनीतिक निर्णय बताया।
उन्होंने कहा कि जहां कई सरकारें वित्तीय संकट के समय कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च कम कर देती हैं, वहीं केरल ने इसके विपरीत रास्ता चुना है और पेंशन मद में ही सालाना 13,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने का वादा किया है। उन्होंने राज्य की उधार सीमा को सीमित करने और धन हस्तांतरण में देरी के लिए केंद्र की आलोचना करते हुये यह भी कहा कि केरल अपने कल्याणकारी मॉडल को कमजोर नहीं होने देगा।
