
शिवपुरी। शिवपुरी शहरी क्षेत्र में रोड रेस्टोरेशन के नाम पर करोड़ों रुपए के गबन का मामला सामने आया है। पार्षदों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आरोप लगा है कि नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के वार्ड नंबर 25 और 17 में बिना काम किए ही लाखों रुपए का भुगतान संबंधित ठेकेदारों को कर दिया गया। इसमें ठेकेदारों, इंजीनियरों और अन्य अधिकारियों की लिप्तता बताई जा रही है।
शहर के कुछ पार्षदों ने अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला को आवेदन सौंपा। उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। अपर कलेक्टर ने डूटा प्रभारी को जांच के निर्देश दिए और कार्रवाई का आश्वासन दिया। पार्षदों के अनुसार वार्ड नंबर 25 में मुक्तिधाम गेट से मुक्तिधाम परिसर तक हुए डामरीकरण के काम के लिए साढ़े सात लाख रुपए का भुगतान किया गया जबकि वास्तविक काम की कीमत लगभग दो लाख रुपए थी। इसी तरह रोड रेस्टोरेशन के नाम पर आठ लाख रुपए का भुगतान किया गया जबकि केवल तीन लाख रुपए का काम हुआ। अकेले इस वार्ड में ही करीब दस लाख रुपए के गबन का आरोप है। वहीं वार्ड नंबर 17 में तीन गलियों की मरम्मत के नाम पर माप पुस्तिका में फर्जी माप दर्ज कर आठ लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया जबकि इस काम पर वास्तविक खर्च केवल दो से तीन लाख रुपए होने का अनुमान है।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि यह पूरा घोटाला नगर पालिका अध्यक्ष, तत्कालीन सीएमओ और संबंधित इंजीनियरों की मिलीभगत से किया गया। ज्ञापन सौंपने वाले पार्षदों में विजय शर्मा, ताराचंद राठौर, नीलम अनिल बघेल, राजा यादव, राजू गुर्जर, ओमप्रकाश जैन और कमलकिशोर शाक्य शामिल थे।
