
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2025: अमेरिका द्वारा रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों रॉसनेफ्ट और लुकोइल पर लगाए गए नए प्रतिबंधों से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) को बड़ा झटका लगने की आशंका है। विश्लेषकों का अनुमान है कि इससे रिलायंस की आय में ₹3,000-3,500 करोड़ रुपये तक की गिरावट आ सकती है। इन प्रतिबंधों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सरकारी तेल रिफाइनरियां रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने की तैयारी कर रही हैं।
इन प्रतिबंधों से रिलायंस के साथ-साथ नायरा एनर्जी पर सबसे अधिक असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि नायरा में रॉसनेफ्ट की लगभग 50% हिस्सेदारी है। सरकारी कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन पर भी असर पड़ेगा। यदि रूसी तेल की 30% आपूर्ति प्रभावित होती है और प्रति बैरल $2-3 डॉलर की छूट का भी नुकसान होता है, तो उनकी कुल कमाई पर भारी असर पड़ सकता है।
इस वर्ष भारत के कुल कच्चे तेल आयात का 34% रूस से आया है, जिसमें रॉसनेफ्ट और लुकोइल की हिस्सेदारी लगभग 60% है। रिलायंस ने कहा है कि वह सरकार के दिशानिर्देशों के साथ पूर्ण रूप से तालमेल में रहेगी। आयातक कंपनियों को 21 नवंबर तक पहले से तय अनुबंधों के तहत खेपें प्राप्त करने की अनुमति है। अब भारतीय कंपनियां मध्य-पूर्वी देशों से अधिक तेल आयात की ओर लौट सकती हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
