ब्यावरा। किसानों को उनकी सोयाबीन फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के लिए भावांतर योजना को प्राथमिकता के साथ लागू किया गया है. भावांतर योजना के तहत आज से खरीदी कार्य प्रारंभ होगा. भावांतर योजना के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मंडी मॉडल भाव दोनों के बीच के अंतर की राशि का भुगतान किया जाना है. जिले की प्रत्येक कृषि उपज मंडी में जिला स्तर से एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो मंडियो की सतत् मॉनिटरिंग करेंगे. योजना के तहत आज 24 अक्टूबर से खरीदी कार्य प्रारंभ होकर 15 जनवरी 2026 तक रहेगा.
85 हजार किसानों के पंजीयन कृषि विभाग के अनुसार 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक जिले में भावांतर योजना के तहत 85 हजार 682 किसानों के द्वारा 199484 हेक्टेयर रकबा का पंजीयन कराया गया है. भावांतर पंजीयन के मामले में प्रदेश में राजगढ़ जिला दूसरे स्थान पर है. मंडी में ही विक्रय करना होगा
योजना अंतर्गत पंजीकृत किसानों के द्वारा केवल कृषि उपज मंडी प्रांगण में ही योजना की विक्रय अवधि 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक फसल विक्रय कर योजना का लाभ लिया जा सकता है. कृषक, पंजीकृत नॉमिनी द्वारा ही विक्रय किया जाएगा. नॉमिनी द्वारा विक्रय करने की दशा में वैध सरकारी पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है.
