
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, न्यायिक व्यवस्था और शहरी विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम गान के साथ हुई। सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए वर्ष 2025-26 में 3 लाख तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर देने की योजना को जारी रखने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत 23,000 करोड़ के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए राज्य सरकार लागत घटाने और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास लगातार कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडोरी जिलों के जिला अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 1000 से बढ़ाकर 1800 की जाएगी। इन अस्पतालों में 810 नए पद सृजित किए जाएंगे, जिनमें 543 नियमित, 4 संविदा और 263 आउटसोर्स पद शामिल हैं। इस विस्तार पर वार्षिक 39 करोड़ 50 लाख का व्यय अनुमानित है।
बिस्तरों की नई क्षमता टीकमगढ़ में 300 से 500, नीमच में 200 से 400, सिंगरौली में 200 से 400, श्योपुर में 200 से 300 और डिंडोरी में 100 से 200 होगी। इससे विशेष रूप से आदिवासी और पिछड़े अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बल मिलेगा। राज्य में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति हेतु डैशबोर्ड आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। जिलों के प्रदर्शन का ऑनलाइन आकलन किया जाएगा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को प्रथम पुरस्कार 1 करोड़ तथा द्वितीय पुरस्कार 75 लाख दिया जाएगा। जिलों में सुधार के लिए प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा।
इस योजना पर कुल 19 करोड़ 10 लाख और प्रतिवर्ष 3 करोड़ 82 लाख का व्यय अनुमानित है। न्यायिक सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए सागर जिले के मालथोन में नया सिविल न्यायालय स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है, जिसके लिए 7 नए पद सृजित किए जाएंगे। शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए री-डेंसिफिकेशन नीति में संशोधन करते हुए अब भूमि निवर्तन कलेक्टर गाइडलाइन के 100 प्रतिशत मूल्य पर किया जाएगा, जो पूर्व में 60 प्रतिशत था। इस संशोधन से प्राप्त राशि का उपयोग संबंधित शहर के विकास कार्यों में किया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में विकास की गति और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी।
