
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2025: सऊदी अरब सरकार ने 70 साल पुराने ‘कफाला सिस्टम’ को खत्म कर दिया है, जिससे देश में कार्यरत विदेशी मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी। यह बदलाव जून 2025 में घोषित किया गया था और इससे 1.3 करोड़ से अधिक विदेशी मजदूरों को फायदा होगा। अब उनके पासपोर्ट नियोक्ता द्वारा जब्त नहीं किए जा सकेंगे, और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
कफाला सिस्टम 1950 के दशक में लागू किया गया था, जिसके तहत कफील (स्पॉन्सर) को मजदूरों के काम, वेतन और रहने पर पूरा नियंत्रण होता था। कफील की अनुमति के बिना मजदूर न तो नौकरी बदल सकते थे, न देश छोड़ सकते थे, और न ही अधिकारियों से शिकायत कर सकते थे। इस व्यवस्था का दुरुपयोग होता था, जहाँ कफील अक्सर मजदूरों के पासपोर्ट जब्त कर लेते थे, जिससे वे बंधक की तरह फंस जाते थे।
कफाला सिस्टम की मानवाधिकार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने आलोचना की थी, और इसे आधुनिक गुलामी कहा था। उनका कहना था कि यह मजदूरों के बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन करता है। नए नियमों के लागू होने से कामगारों में खुशी की लहर है, क्योंकि अब उन्हें नौकरी बदलने और देश छोड़ने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे उनके अधिकारों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।
