ग्वालियर: शहर के कुछ मंदिर प्रबंधन द्वारा घरों पर भगवान की प्रसादी होम डिलेवरी के माध्यम से पहुंचाने की नई परंपरा डाले जाने पर तीखा एतराज उभर रहा है। श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर न्यास के पूर्व सूचना सचिव महेन्द्र भदकारिया ने सनातनी परंपराओं में विश्वास रखने वाले सभी शहरवासियों की ओर से आपत्ति जताते हुए इसे सनातनी परंपराओं के सर्वथा विपरीत करार दिया है।
उन्होंने कहा कि कुछ मंदिर प्रबंधन द्वारा इस संबंध में लिए गए निर्णय को यदि तत्काल वापस नहीं लिया जाता है तो सनातन में विश्वास रखने वाले आंदोलन के लिए विवश होंगे। भदकारिया ने वक्तव्य में कहा कि श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर, श्री सनातन धर्म मंदिर, श्री सांई बाबा मंदिर, श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर आदि मंदिरों से इस तरह की सूचनाएं आ रही हैं कि मंदिर प्रबंधन द्वारा भगवान की प्रसादी की होम डिलेवरी प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है, यह हम सभी के लिए अस्वीकार्य है।
क्योंकि होम डिलेवरी प्रारंभ होने पर भगवान के प्रसाद के विधर्मियों, शराब व मांस का सेवन करने वाले धर्मविरोधी तत्वों के हाथों में जाने का खतरा है। वैसे भी सिर्फ हिन्दू सनातन धर्म में ही नहीं बल्कि दुनिया के किसी भी धर्म में धर्मस्थलों एवं आराध्य देवों के प्रसाद को होम डिलेवरी के माध्यम से देने की परिपाटी नहीं है तो फिर ग्वालियर के मंदिरों में यह निरर्थक परंपरा क्यों डाली जा रही है। उन्होंने सभी संबंधित मंदिर प्रबंधन से भगवान की प्रसादी की होम डिलेवरी के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आग्रह किया है। मंदिर प्रबंधन यदि हठधर्मिता के रास्ते पर चलते हुए ऐसा नहीं करता है तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
