
बैतूल। जिले में रबी फसल की तैयारी के बीच किसानों को खाद के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय के हमलापुर स्थित एमपी स्टेट एग्रो के बाहर शुक्रवार को भी किसानों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। किसान सुबह से शाम तक लाइन में लगकर भी खाली हाथ लौट रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार आ रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है।
किसान जितेंद्र सोलंकी, मोहित डिंडोरे, दीपचंद पारधे और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान समय में गेहूं की बोवनी के लिए यूरिया और डीएपी की सख्त जरूरत है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसल बुवाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग हर साल देर से खाद उपलब्ध कराता है, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
वहीं समिति प्रबंधक दीनानाथ बेंडे ने बताया कि जिले में एमपी स्टेट एग्रो का यही एकमात्र कैश काउंटर है, इसलिए सभी ब्लॉकों के किसान यहां खाद लेने आते हैं। उन्होंने कहा कि समिति को रैक लगने पर करीब 5 प्रतिशत यानी लगभग 2 हजार बैग खाद मिलती है, जिससे सभी किसानों को एक साथ खाद उपलब्ध कराना संभव नहीं होता।
बेंडे ने बताया कि खाद पर्याप्त मात्रा में है और किसानों को क्रमवार नंबर के आधार पर वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया, एक बोरी डीएपी और एक बोरी एसएसपी की जरूरत होती है, और प्राथमिकता उन्हीं किसानों को दी जा रही है जिन्हें अभी तत्काल आवश्यकता है।
फिलहाल, खाद वितरण की धीमी रफ्तार और बढ़ती भीड़ से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पर्याप्त खाद की व्यवस्था की जाए ताकि रबी सीजन की बुवाई प्रभावित न हो।
