सतना :उपचार कराने के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचे मरीज को जबरदस्ती निजी हास्पिटल ले जाने की घटना का विरोध करना सुरक्षा गार्ड को उस वक्त मंहगा पड़ गया जब निजी एंबुलेंस चालक ने उसके साथ गाली-गलौच और हाथापाई शुरु कर दी. सुरक्षा गार्ड द्वारा मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन से की गई है.
जिला चिकित्सालय में सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनात प्रथम सोंधिया हर रोज की तरह ओपीडी में लगी हुई थी.
रात के लगभग पौने 10 बजे एक मरीज चोटिल अवस्था में उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा. जिसकी पहचान मानिराज कोल उम्र 25 वर्ष निवासी वहरी सीधी के तौर पर हुई. लेकिन इससे पहले कि उक्त मरीज को चिकित्सालय में भर्ती कर उसका उपचार शुरु हो पाता कि वहां पर निजी एंबुलेंस चालक बंटा और उसका भाई वहां पहुंच गया. बंटा और उसका भाई घायल मरीज को जबरदस्ती जिला चिकित्सालय से एक निजी हास्पिटल ले जाने लगा.
यह देख वहां पर तैनात सुरक्षा गार्ड प्रथम सोंधिया ने बंटा और उसके भाई को ऐसा करने से मना किया. लेकिन सुरक्षा गार्ड की रोक टोक से तमतमाए बंटा और उसके भाई ने सुरक्षा गार्ड के साथ गाली-गलौच और हाथापाई शुरु कर दी. इतना ही नहीं बल्कि अस्पताल से बाहर निकलने पर सुरक्षा गार्ड को जान से मार देने की धमकी भी दी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा गार्ड द्वारा इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के समक्ष घटना की लिखित शिकायत की. जिसे अस्पताल प्रशासन द्वारा कोतवाली थाने के लिए अग्रेषित कर दिया गया.
