
जबलपुर। भारतीय किसान संगठन ने कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर जिला सहकारी समिति निरंदपुर के तत्कालीन प्रबंधक की शिकायत की। संगठन ने आरोप लगाया कि निरंदपुर समिति द्वारा उन किसानों को भी ऋण चुकाने के नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनका कर्ज पूर्ववर्ती सरकार द्वारा माफ किया जा चुका है। किसान संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि समिति के तत्कालीन प्रबंधक द्वारा किसानी ऋण अनुमानित राशि की मांग सूचना पत्र जारी किए गए हैं। यह पत्र उन किसानों को भी दिए जा रहे हैं, जिनका नाम राज्य सरकार द्वारा घोषित कर्जमाफी सूची में शामिल था। इसके बावजूद किसानों को ऋण मुक्त नहीं किया गया है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित प्रबंधक किसानों को समझौते के लिए मानसिक रूप से दबाव में लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वे अनावश्यक रूप से आर्थिक बोझ उठाने को मजबूर हो रहे हैं। भारतीय किसान संगठन ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि जिन किसानों का कर्ज माफ हो चुका है, उन्हें पूर्ण रूप से ऋण मुक्त घोषित किया जाए। साथ ही दोषी प्रबंधक और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
