
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट से हैदराबाद से जबलपुर लाये गये घोड़ों की मौत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष सरकार की तरफ से बताया गया कि घोडो की मौत के मामले ने पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि याचिका पर दिल्ली की वरिष्ट अधिवक्ता रीतिका गोयल पक्ष प्रस्तुत करेंगी। इसके लिए समय प्रदान किया जाये। युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 11 नवम्बर को निर्धारित की गयी है।
जबलपुर निवासी पशु प्रेमी सिमरन इस्सर की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि हैदराबाद निवासी सुरेश पाल गुडू हॉर्स पावर लीग के सूत्रधार है। हैदराबाद रेस क्लब में दो घोड़ों की रेस करवाकर उन्होने ट्रोपंग करेठस्ता नाम एप के माध्यम से फिलीपिंग में ऑनलाइन स्ट्रीमिंग करते हुए सट्टा लगवाया। इस संबंध में फिलीपिंन सरकार ने केंद्र सरकार से शिकायत की थी। शिकायत के बाद उन्होंने इसे बंद कर दिया था। सुरेश पाल गुडू के पास डेढ़ सौ से अधिक घोड़े थे और उन्होंने चार माह पूर्व कर्मचारियों के वेतन देना बंद कर दिया था। भोजन नहीं मिलने के कारण लगभग 90 घोड़ों की मौत हो गयी थी। साक्ष्य छिपाने के लिए घोड़ों को नियम विरुद्ध तरीके से जबलपुर लाकर सचिन तिवारी के द्वारा पनागर के रैपुरा में रखा गया है। देखरेख तथा भोजन व उपचार नहीं मिलने के कारण घोड़ों की मौत हो रही है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया था कि हैदराबाद से 57 घोड़े जबलपुर लाये गये थे। जिसमें से 12 घोड़ों की मौत हो गयी है। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि अभी तक 18 घोड़ों की मौत हुई है। रास्ते में लाते समय 6 घोड़े की मौत हो गयी थी। युगलपीठ के निर्देष पर जिला कलेक्टर तथा घोडे के केयर टेकर संजय तिवारी की तरफ से हलफनामे के साथ घोड़ों की मौत के कारण, उपचाररत घोडे की मेडिकल रिपोर्ट तथा उसके उपचार तथा भोजन व्यवस्था के संबंध में जानकारी पेश की थी।
