सतना : सिविल लाइन थाने की पुलिस द्वारा अवैध पिस्टल खरीदने-बेचने वाले अंतरजिला संगठित गिरोह के 7 सदस्यों को दबोच लिया गया. आरोपियों के कब्जे से 2 आटोमेटिक देशी पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस और दो बाइक बरामद की गई है. जिसकी कीमत 2 लाख 40 हजार रु आंकी गई. सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह परिहार से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को मुखबिर के जरिए इस बात की सूचना मिली कि पतेरी, धनखेर और मंदाकिनी बिहार के लडक़े संगठित होकर अवैध रुप से पिस्टल-कट्टा खरीदने बेचने का व्यापार करते हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरोह तक पहुंचने के लिए विशेष टीम गठित की गई. इस मामले में लीड मिलते ही मंदाकिनी बिहार कालोनी निवासी आदर्श पाण्डेय उर्फ बबलू उम्र 19 वर्ष को पुलिस टीम ने दबोच लिया. पूछताछ किए जाने पर आदर्श ने बताया कि पिस्टल खरीदने-बेचने की बात प्रबल सिंह बैस 20 वर्ष निवासी गढिय़ा टोला और सोम उर्फ विनीत मिश्रा 18 वर्ष निवासी सितपुरा के माध्यम से प्रमोद सिंह बैस 22 वर्ष निवासी रामपुर चौरासी से की गई है. उसने पिस्टल को टेस्टिंग के लिए ली थी. लेकिन पसंद आ जाने पर उसने स्वयं के इस्तेमाल के लिए रख ली. और फिर उसे अधिक दाम पर दूसरे ग्राहक को बेच दिया.
जिसके चलते पुलिस ने एक एक करके प्रबल, प्रमोद और विनीत को दबोच लिया. पकड़े गए युवकों ने बताया कि मन्नू उर्फ मृगेंद्र सिंह 24 वर्ष निवासी धनखेर द्वारा उन्हें देशी पिस्टल देने के लिए कहा गया था. जिसे देखते हुए पुलिस टीम ने पकड़े गए युवकों के जरिए पिस्टल बेचने वाले युवकों को बुलवाने की योजना तैयार की. जैसे ही बिना नंबर की बाइक पर सवार मृग़ेंद्र और उसका साथी आशुतोष उर्फ निहाल सिंह 23 वर्ष निवासी दक्षिणी पतेरी शहर के पतेरी चौराहे पर पहुंची वैसे ही तैयार पुलिस टीम ने उन दोनों को भी दबोच लिया.
उनके कब्जे से एक आटोमेटिक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए. पूछताछ किए जाने पर मन्नू उर्फ मृगेंद्र ने बताया कि उक्त पिस्टल को उसने बरेठिया अकौना के रहने वाले सज्जू सिंह परिहार से 30 हजार रु में खरीदी है. इसी कड़ी में पूछताछ करने पर प्रमोद से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने शानू उर्फ संग्राम सिंह 23 वर्ष निवासी रामपुर चौरसी को दबोच लिया. जिसके पास से एक आटोमेटिक देशी पिस्टल और दो कारतूस बरामद कर लिया गया. जबकि इस मामले में फराह आरोपी सज्जू सिंह परिहार की सरगर्मी से तलाश की जा रही है.
संगठित होकर करते हैं व्यापार
सिविल लाइन थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों के पूर्व रिकार्ड अवैध आम्र्स रखने के भी हैं. आरोपी संगठित होकर अवैध हथियारों को रखने और सप्लाई करने में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल हैं. आरोपी न सिर्फ अवैध हथियारों के कारोबार में शामिल होकर लाभ कमाते हैं बल्कि इन हथियारों के जरिए वे लोगों के बीच दहशत फैलाने का काम भी करते हैं. सभी आरोपी लोगों के बीच दहशत फैलाने और रौब जामने के लिए अपने पास अवैध पिस्टल रखते थे. जो कि आगे चलकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से भी नहीं हिचकते
