इंदौर: लंबे इंतजार और तैयारियों के बाद भी पुराने टर्मिनल से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने का सपना अधूरा रह गया. केंद्रीय मंत्रालय ने एयरपोर्ट अधिकारियों को केवल घरेलू उड़ानों की अनुमति दी है. शारजाह के लिए उड़ान अब नए टर्मिनल से ही संचालित होगी. पुराने टर्मिनल में सुधार पर लगभग 41 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए जरूरी एरोब्रिज और कस्टम सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं.
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक पुराने टर्मिनल का उद्घाटन अक्टूबर में होना था, लेकिन तकनीकी और निर्माण कारणों से इसे अब अगले साल जनवरी में शुरू किया जाएगा. वर्तमान में टर्मिनल की क्षमता लगभग 55 लाख यात्रियों प्रति वर्ष है, जबकि इस समय लगभग 40 लाख यात्री इसे नियमित तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. बीते तीन महीनों में करीब साढ़े आठ लाख यात्रियों ने यहां से उड़ान भरी. हाल ही में घरेलू उड़ानों में तकनीकी खामियों के कारण यात्री परेशान हुए. स्टार एयर की बेंगलुरु फ्लाइट, जो शाम 7.45 बजे उड़ने वाली थी, तकनीकी समस्याओं की वजह से रात 11.07 बजे रवाना हुई. बेंगलुरु से इंदौर आने वाली फ्लाइट भी निर्धारित समय से कई घंटे लेट पहुंची. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एयरलाइंस को कड़ी फटकार लगाई.
बस का इस्तेमाल केवल एटीआर विमान के लिए ही संभव
अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए पुराने टर्मिनल में बस का इस्तेमाल केवल एटीआर विमान के लिए ही संभव है. सुबह और शाम के समय भारी यात्री ट्रैफिक के कारण अधिकांश यात्रियों को बस से विमान तक जाना पड़ता है. एक मंजिल वाले टर्मिनल में एरोब्रिज स्थापित करना नामुमकिन है. वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट से 85 उड़ानों में से 17 एटीआर विमान द्वारा संचालित हैं. जनवरी से पुराने टर्मिनल में सिर्फ घरेलू उड़ानें चलेंगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन नए टर्मिनल में शुरू होगा.
