रायसेन: जिले में डीएपी और यूरिया खाद की मांग बढ़ने से हालात बिगड़ने लगे हैं। कहीं किसान लंबी कतारों में खड़े हैं, तो कहीं रातभर रतजगा कर रहे हैं। सहकारी समितियों और गोदामों पर स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।कल रायसेन कृषि उपज मंडी स्थित एमपी एग्रो केंद्र पर 500 से अधिक किसान खाद लेने पहुंचे। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने कर्मचारियों के साथ मिलकर टोकन बांटे, लेकिन केवल 400 किसानों को ही टोकन मिल सके, बाकी खाली हाथ लौट गए। किसानों ने बताया कि एक आधार कार्ड पर केवल दो बोरी खाद दी जा रही है, जबकि उनकी जरूरत इससे कहीं अधिक है।
भोपाल रोड स्थित सरकारी गोदाम पर भी केवल टोकनधारी किसानों को ही खाद मिल रही है। वहीं बेगमगंज में 1150 किसानों को टोकन वितरित किए गए, जिनमें से करीब 180 किसानों को एक-एक एकड़ पर एक बोरी यूरिया और एक बोरी एनपीके दी गई। शेष किसानों को 4-5 दिन बाद टोकन के माध्यम से खाद मिलने की बात कही गई है।
कृषि विभाग के अनुसार, रबी सीजन के लिए जिले में कुल 75 हजार टन यूरिया, 34 हजार टन डीएपी, 29 हजार टन एनपीके सहित अन्य खादों की मांग की गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन छुट्टियों और अचानक बढ़ी भीड़ के कारण वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
