अहमदाबाद, 09 अक्टूबर (वार्ता) रेलवे, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को गुजरात के अहमदाबाद में स्थित साबरमती हाई स्पीड रेल (एचएसआर) स्टेशन का निरीक्षण किया। यह स्टेशन देश के पहले मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन परियोजना) का एक महत्वपूर्ण टर्मिनल है जिसका निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है।
साबरमती हाई स्पीड स्टेशन को एक विश्व-स्तरीय मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ भारतीय रेल, हाई स्पीड रेल (एचएसआर), मेट्रो रेल तथा बस रैपिड ट्रांजिट रूट (बीआरटी) का सहज एकीकरण सुनिश्चित किया गया है। इस बहु-मॉडल कनेक्टिविटी से यात्रियों को एक ही परिसर में विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच आसान और त्वरित परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।
इस स्टेशन में ए बिल्डिंग में नो फ्लोर एवं बी बिल्डिंग आठ हैं तथा 1400 से अधिक वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था है। जिनमें अत्याधुनिक यात्री सुविधाएँ जैसे वेटिंग लाउंज, टिकटिंग जोन, कॉनकोर्स एरिया, प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर, एलिवेटर, डिजिटल सूचना प्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त, रूफ प्लाज़ा, प्लेटफॉर्म क्षेत्र तथा लैंडस्केपिंग का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। स्टेशन परिसर को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल बनाने के लिए ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है।
इस अवसर पर नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारियों ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना की वर्तमान स्थिति, नवीनतम तकनीकी नवाचारों, निर्माण प्रगति एवं भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। साबरमती एचएसआर स्टेशन के शुरू होने से गुजरात और महाराष्ट्र के बीच संपर्क में महत्वपूर्ण सुधार होगा तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास, औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
