जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने शहर में कई जगहों के बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नलों के मामले को संजीदगी से लिया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस डीडी बंसल की युगलपीठ के समक्ष नगर निगम की ओर से अपने जवाब में कहा गया कि उनके क्षेत्राधिकार में शहर के 8 सिग्नल आते हैं। इनमें से चार चालू हैं, एक बंद है और तीन ब्लिंकिंग स्टेज पर हैं। वहीं इस मामले में राज्य शासन की ओर से जवाब पेश करने मोहलत मांगी गई। जिसके बाद न्यायालय ने मामले पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित करते हुए मामले में स्मार्ट सिटी को भी जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
उल्लेखनीय है कि यह जनहित का मामला नागरिक उपभोक्ता मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे एवं रजत भार्गव की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से शहर की यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने न्यायालय को बताया कि जबलपुर शहर में लगे कई ट्रैफिक सिग्नल बंद हैं। इन सिग्नलों पर लगे कैमरों से भी निगरानी नहीं हो रही है।
इस कारण ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ई-चालान की कारवाई नहीं हो पा रही है। इसके चलते शासन को भी लाखों रुपए की क्षति हो रही है। साथ ही ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से प्रत्येक चौराहे पर जाम लगा रहता है। नगर निगम स्मार्ट सिटी एवं यातायात विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी का ठीकरा फोड़ रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। मांग की गई कि सभी ट्रैफिक सिग्नल व ट्रैफिक व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिये जाये। पूर्व में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, नगर निगम व स्मार्ट सिटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
