वाशिंगटन, 07 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्टूबर के अंत में होने वाले वार्षिक दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) शिखर सम्मेलन में केवल इस शर्त पर भाग लेंगे कि वह कंबोडिया और थाईलैंड के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता करेंगे और चीनी अधिकारियों को सम्मेलन से बाहर रखेंगे।
पोलिटिको ने मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह जानकारी उपलब्ध कराई है।
व्हाइट हाउस ने आयोजकों से यह भी कहा कि वे समारोह से चीनी अधिकारियों को बाहर रखें ताकि श्री ट्रंप को ही सारी सुर्खियां मिले। एक अज्ञात अधिकारी ने सोमवार को प्रकाशित एक लेख में पोलिटिको को बताया, “चीन ने इन वार्ताओं में कोई भूमिका नहीं निभाई है।”
कंबोडियाई विदेश मंत्री प्राक सोखोन ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा था कि कंबोडिया ने, आर्मेनिया और अजरबैजान के साथ, थाईलैंड के साथ सीमा संघर्ष में युद्धविराम की मध्यस्थता के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया था।
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद 24 जुलाई को उस समय एक सशस्त्र संघर्ष में बदल गया जब दोनों पड़ोसियों के बीच तोपखाने और हवाई हमलों को अंजाम दिया गया। दोनों पक्षों ने हताहतों की सूचना दी, जिनमें नागरिक भी शामिल थे। चार अगस्त को उन्होंने तत्काल युद्धविराम की घोषणा की, जिसके कुछ दिनों बाद इसके कार्यान्वयन पर एक औपचारिक समझौता हुआ।
गौरतलब है कि अगस्त की शुरुआत में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव, अर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान और श्री ट्रम्प ने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। आर्मेनिया ने ‘अंतरराष्ट्रीय शांति और समृद्धि के लिए ट्रम्प रूट’ बनाने के लिए अमेरिका और तीसरे पक्षों के साथ सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की, जो अर्मेनियाई क्षेत्र के माध्यम से अजरबैजान को उसके नखचिवन एक्सक्लेव से जोड़ेगा।
