
भोपाल :मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज राज्य और केंद्र सरकार पर स्मार्ट मीटर परियोजना को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस योजना को “राष्ट्रीय सुरक्षा और निजता के लिए खतरा” बताया और दावा किया कि इसमें विदेशी, विशेष रूप से पाकिस्तानी कंपनियों की संलिप्तता के साथ-साथ सरकारी धन का भारी दुरुपयोग हुआ है।
भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में सिंघार ने कहा कि जिन मीटरों को “स्मार्ट मीटर” कहा जा रहा है, वे असल में “स्पाई मीटर” हैं, जिनके ज़रिए नागरिकों के डेटा और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से कंपनियों के चयन, विदेशी संपर्कों और नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा पर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा।
सिंघार के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक केवल 18% स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं, जबकि इस पर ₹2,000 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के डिस्कॉम्स ने अल्फानार (सऊदी अरब), एस्यूसॉफ्ट (दुबई) और लैंडिस एंड गायर जैसी कंपनियों को बड़े ठेके दिए, जबकि इनमें से कुछ कंपनियां अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट हो चुकी हैं।
उन्होंने खुलासा किया कि अल्फानार कंपनी के परियोजना प्रमुख जाहिर इकबाल शाह और नईम अब्बास पाकिस्तानी नागरिक हैं, और कंपनी ने 2024 में पाकिस्तान सरकार के साथ एक समझौता (MoU) किया था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा (DPIIT) के नियमों का उल्लंघन हुआ है।
सिंघार ने चेतावनी दी कि इन स्मार्ट मीटरों के माध्यम से डेटा चोरी, स्पूफिंग और साइबर अटैक जैसे खतरे बढ़ सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक मीटर राष्ट्रीय बिजली ग्रिड में संभावित “एंट्री पॉइंट” बन सकता है।
उन्होंने अंत में मांग की कि सभी ठेकों, डेटा सुरक्षा प्रक्रियाओं और विदेशी साझेदारियों की व्यापक जांच की जाए। सिंघार ने कहा, “यह मामला सिर्फ बिजली बिलों का नहीं, बल्कि देश की निजता, अर्थव्यवस्था और संप्रभुता का है।”
