पीडब्ल्यूडी में 60 प्रतिशत तक बिलो रेट के काम कैसे होगे गुणवत्तापूर्ण?

रीवा, 5 अक्टूबर, पीडब्ल्यूडी द्वारा बरसात के बाद सडक़ो की मरम्मत करने एवं अन्य कार्यो के लिये 10 निविदाएं आनलाइन खोली गई. जिसमें ठेकेदारो ने 60 प्रतिशत तक घटे हुए दर पर निविदाएं डाली थी और विभाग द्वारा स्वीकृत भी किया गया. अब सवाल यह उठता है कि इतनी कम राशि में ठेका पाने वाले ठेकेदार कैसे गुणवत्तापूर्ण काम करेगे.

साफ है की इंजीनियरों की मिली भगत से काम में सिर्फ लीपापोती की जाएगी. कम राशि में ठेका पाने वाले ठेकेदार परफार्मेंस गारंटी राशि दोगुनी जमा करने के बाद काम करेगे. आनलाइन खोली गई निविदा को लेकर कई सवाल उठ रहे है. बिलो रेट पर काम पाने वाले ठेकेदार केवल विभाग को चूना लगाएगें. एक सवाल यह भी उठता है कि 60 प्रतिशत तक बिलो दर पर ठेके कैसे स्वीकार किये गये. सूत्र बताते है कि पीडब्ल्यूडी में हर काम के लिये कमीशन की राशि निर्धारित है और वह देने के बाद ही बिल बनेगा. मामला कार्यपलान यंत्री नितिन पटेल के पास पहुंचेगा. वर्षो से जमे इंजीनियर अपना खुराफाती दिमांग लगाकर ठेकेदार का बिल भी पास करा देगे. जो निविदाएं निकाली गई है उन सडक़ो का पहले निरीक्षण किया गया होगा, उसके बाद स्टीमेट तैयार किया गया होगा. तब जाकर कार्य निर्धारित किया गया होगा. तो अब कम रेट पर ठेकेदार कैसे काम करेगें गुणवत्तापूर्ण और कैसे कमीशन देगे. सब कुछ विभागीय मिली भगत से होता है, इसमें कोई संदेह नही है.

इस मामले में कार्यपालन यंत्री नितिन पटेल का कहना है कि आनलाइन निविदाएं डाली जाती है और खोली गई है. कई ठेकेदारो ने 50 से 60 प्रतिशत बिलो रेट पर काम किया है. उनके कामों के गुणवत्ता की जांच होगी, आनलाइन निविदाओ के लिये हम कुछ नही कह सकते है.

एआर मद के कार्यो में किया जाता है खेल

लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर अपने चहेते संविदाकारो को उपकृत से नही चूकते है. कई खास संविदाकार और इंजीनियरो को नजदीकी रिश्तेदार मलाई खा रहे है. जिनके पास ठेकेदारी का लम्बा अनुभव नही वह भी इंजीनियरो के कृपा से काम पा रहे है और गुणवत्तापूर्ण काम भी नही कर रहे, बावजूद इसके उनके बिल पास होते है और काम भी पा रहे है. सूत्रो ने बताया कि ऐसे कई संविदाकार है जिन्हे एआर मद का कार्य मिला है. यह काम उन्ही को मिला है जो बेहद नजदीक है इंजीनियरों के, एआर मद से किये जाने वाले कार्यो की अगर जांच कराई जाय तो कई संविदाकार फस सकते है. सूत्रो की माने तो भुगतान में हिस्सेदारी रहती है और राशि का बंदरबाट होता है. एआर मद के जो कार्य होते है उनकी जांच कराई जाय तो इंजीनियर भी फस सकते है.

क्या-क्या होगें काम, बिलो रेट का ठेका

छत रिपेयरिंग मरम्मत कार्य टीआरएस कालेज रीवा, पार्थ एसोसिएट्स 59 प्रतिशत, पैच रिपेयरिंग वर्क मऊगंज उपसंभाग अनमोल ट्रेडर्स एण्ड सप्लायर 60 प्रतिशत, पैच रिपेयरिंग वर्क लालगांव उपसंभाग मनगवां रामजी इंटरप्राइजेज 53.10 प्रतिशत, पैच रिपेयरिंग वर्क रायपुर कर्चुलियान उप संभाग मनगवां कृष्णा इंटरप्राइजेज 55 प्रतिशत, पैच रिपेयरिंग उप संभाग मनगवां कृष्णा इंटरप्राइजेज उपसंभाग मनगवां, पुताई पेंट आदि काम शामिल है.

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