सीहोर। छात्रों से जुड़ी जानकारी छुपाने और शिक्षण कार्य में पारदर्शिता की कमी को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सख्त कदम उठाते हुए सीहोर जिले की मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी और आर्यावर्त यूनिवर्सिटी सहित प्रदेश की 10 निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है. इस निर्णय से यहां पढ़ रहे छात्रों की डिग्री की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
यूजीसी ने हाल ही में अधिनियम के तहत आवश्यक सूचनाएं मांगी थीं, लेकिन इन विश्वविद्यालयों ने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई. वेबसाइट पर भी पब्लिक सेल्फ-डिस्क्लोजर से संबंधित विवरण जैसे पाठ्यक्रम, फीस संरचना, प्रवेश नियम, फैकल्टी, अनुसंधान और प्लेसमेंट अवसरों की जानकारी साझा नहीं की गई. कई बार मेल भेजे जाने के बावजूद विश्वविद्यालयों ने कोई जवाब नहीं दिया.
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जिले में अचानक यूनिवर्सिटियों की संख्या तो बढ़ी है, पर वास्तविकता में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है और फर्जीवाड़ा हो रहा है. उन्होंने मांग की है कि ऐसी डिफॉल्टर यूनिवर्सिटियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके.
