
बुआ बिछिया। आस्था, भक्ति और परंपराओं से सराबोर नगर में गुरुवार को विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। नौ दिन तक चले दुर्गोत्सव का समापन माता रानी की भावभीनी विदाई के साथ हुआ। घर-घर दशहरा पर्व नीलकंठ दर्शन, स्वर्ण व शमी पत्र अर्पण और विशेष पूजन-अर्चन के बीच उल्लासपूर्वक मनाया गया।बंजारी माता मंदिर से प्रतिमा विसर्जन यात्रा की शुरुआत हुई। बड़े चल समारोह में बस स्टैंड व्यापारी संघ, रेस्ट हाउस रोड और वार्ड-10 सिंह वाहिनी दुर्गोत्सव मंच की प्रतिमाएं डीजे-बैंड और माता के जयकारों की गूंज के बीच नगर भ्रमण करते हुए एनीकट कुंड पहुंचीं। यहां पुलिस प्रशासन और नगर परिषद की देखरेख में प्रतिमाओं का क्रेन से सुरक्षित विसर्जन किया गया।नगर की सड़कों पर उमड़े मातृभक्तों का जनसैलाब दृश्य को और भी भव्य बना रहा। देर रात तक माता रानी को विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ डटी रही। प्रशासन ने संभावित भीड़ और व्यवस्था को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतज़ाम किए।नगर में विराजित लगभग 13–14 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन एनीकट कुंड सहित अन्य तालाबों व जलाशयों में किया जा रहा है। माता रानी की जयकारों और उल्लासपूर्ण वातावरण में नगर भक्ति रस से सराबोर हो उठा और विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की विजय का जीवंत संदेश देकर लोगों के दिलों में अविस्मरणीय छाप छोड़ गया।
