
नीमच। मध्यप्रदेश की नीमच में फायरिंग रेंज में राइफल ग्रेनेड अभ्यास के दौरान राजस्थान का जवान शहीद हो गया। सीआरपीएफ एएसआई रामनिवास जोधपुर जिले के भोपालगढ़ के गांव हिरादेसर के रहने वाले थे। 26 सितंबर को फायरिंग रेंज में अभ्यास के दौरान वे घायल हो गए। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया। 30 सितंबर की रात को उन्होंने अंतिम सांस ली। इसके बाद 1 अक्टूबर को सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
यह हादसा 26 सितंबर को नीमच फायरिंग रेंज पर राइफल ग्रेनेड फायरिंग अभ्यास के दौरान हुआ था। इसमें रामनिवास चौधरी के साथ अंडर ट्रेनिंग सहायक कमांडेंट जितेंद्र यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गंभीर चोटों के कारण रामनिवास को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां 30 सितंबर की रात वे शहीद हो गए।
मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश
सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रामनिवास को एक निडर और समर्पित जवान बताया। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत पूरे बल के लिए एक बड़ी क्षति है। गृह मंत्रालय ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सैन्य टुकडिय़ों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
शहीद का पार्थिव शरीर दोपहर में विशेष विमान से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा। जहां सीआरपीएफ की टुकडिय़ों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद तिरंगे में लिपटा शव हिरादेसर के लिए रवाना किया गया। आईएएस मोहनलाल ने इस दौरान शहीद के परिवार से संवाद भी किया।
रामनिवास अमर रहें के जयकारों से गूंजा गांव
गांव के मुख्य मार्गों से गुजरी शवयात्रा में प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय विधायक, पंचायत प्रतिनिधि और हजारों ग्रामीण हाथों में तिरंगे लिए मौजूद थे। युवाओं ने भारत माता की जय और रामनिवास अमर रहें के नारे लगाए। गांव के श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहां सीआरपीएफ के जवानों ने राइफल सलामी देकर शहीद को अंतिम विदाई दी।
