
छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं की स्वास्थ्य जांच संबंधी डेटा एंट्री को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि यदि 2 दिन के भीतर इस संबंध में प्रगति नहीं हुई तो संबंधित बीएमओ पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने स्कूलों में किशोरी बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, एमएलसी और पीएम मामलों की लंबित पेंडेंसी जल्द निपटाने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने डॉक्टरों की कमी को पूरी करने के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समय पर रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दी जाए।
इस समीक्षा बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं संबंधित बीएमओ शामिल थे, जिन्होंने अभियान की वर्तमान स्थिति और सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को सतत निगरानी और नियमित प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए, ताकि महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
