मुंबई, 01 अक्टूबर (वार्ता) बुनियादी बचत बैंक खातों पर भी अब न्यूनतम बैलेंस की अर्हता के बिना डिजिटल बैंकिंग की सुविधा मिलेगी।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद जारी बयान में कहा, ”बुनियादी बचत बैंक खाताधारकों को न्यूनतम बैलेंस न रखने के लिए कोई शुल्क लगाये बिना दी जाने वाली सेवाओं में डिजिटल बैंकिंग (मोबाइल/इंटरनेट बैंकिंग) को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।”
इस संबंध में जारी बयान में कहा गया है कि बुनियादी बचत खातों पर कुछ बुनियादी सुविधाएं बिना किसी शुल्क के मिलती हैं। मौजूदा परिस्थितियों में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसका विस्तार करने की योजना है ताकि वित्तीय समावेशन बढ़ सके।
इसके अलावा, आम लोगों की सुविधा के लिए बैंकों में दो आंतरिक ओम्बुड्समैन की प्रणाली को मजबूती प्रदान कर शिकायत निवारण को ज्यादा प्रभावी बनाया जायेगा।
साथ ही, रिजर्व बैंक ओम्बुड्समैन योजना में भी बदलाव किये जायेंगे और इसमें ग्रामीण सहकारी बैंकों को भी शामिल किया जायेगा।
