मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
निगम-मंडल और आयोगों में नियुक्तियों की कवायद के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव की लगातार दिल्ली दौड़ से अंचल में बेचैनी है. राजनीतिक नियुक्तियों के साथ यह भी चर्चा है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जा सकता है. कुछ ड्राप भी हो सकते हैं. हाल के सप्ताहभर में मुख्यमंत्री यादव की दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह से बार-बार हई मुलाकात कुछ इशारा कर रही हैं. कर्नल सोफिया पर बयान विवाद में उलझे जनजाति मंत्री विजय शाह की राष्ट्र स्तरीय निंदा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद पार्टी ने भले ही तात्कालीक एक्शन न लिया, पर जो उसकी छबि धूमिल हुई उस भरपाई में अब कठोर निर्णय की संभावना है.
चर्चा है कि विजय शाह को कुछ समय के लिए सत्ता भागीदारी से विश्राम दिया जा सकता है. राजनीतिक समीकरण में विजय शाह का पलड़ा भारी बैठता है और खंडवा के आदिवासी क्षेत्रों में तगड़ी पकड़ से वे लगातार विधायक बनते रहने के बावजूद बेमन से उनके खिलाफ निर्णय लिया जा सकता है. इस पर असमंजस की स्थिति को ही मुख्यमंत्री यादव की दिल्ली में वरिष्ठों से बैठकों को जोड़ा जा रहा है. यदि सुप्रीम कोर्ट का शाह पर एफआईआर के पक्ष में फैसला आया तो मुश्किल होगी, इसलिए चर्चा है कि उसके पहले ही पार्टी कोई एक्शन ले सकती है. फिलहाल अप्रिय खबरों से विजय शाह की धुकधुकी बनी हुई है. इसके अलावा प्रदेश के विकास की गति में रोड़ा बन रहे मंत्रियों के भी पर काटे जाने की चर्चा है. इन सब विषयों पर ठोस निर्णय के लिए ही मोहन यादव के दौरे हो रहे हैं.
अब केवल असली क्रिकेट प्रेमी रह गए
क्रिकेट सीजन में मालवा-निमाड़ अंचल हर मैच के दौरान धूम-धड़ाक रहता था. गली मोहल्लों में चौके-छक्के, आउट होने पर कई लोग फटाकों से उत्साह व्यक्त करते थे. हाल के दिनों में यह सब नगण्य रह गया. कारण केंद्र सरकार का गेमिंग एप पर प्रतिबंध व अपराध घोषित करना है. इसके बाद से क्रिकेट प्रेमियों में विभाजन हो गया. असली प्रेमी रह गए और क्रिकेट सट्टा प्रेमी जश्न से नदारद. पहले एप के जरिये हर बाल पर कितने रन बनेंगे, चौका-छक्का लगेगा या आउट होगा पर सटोरिये दांव लगवाते थे. यही टीम की हार-जीत पर भी सट्टा लगता था. इसलिए किसी का दांव लगता था तो मोहल्ला फटाकों की आवाज से सिर उठा लेता था. एप पर बंदिश और सख्ती के कारण ही अंचल में नकली क्रिकेट प्रेमियों का धूम-धड़ाका गुम हो गया है.
नोटिस पर बिफरे नेताजी
देवास के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रितेश त्रिपाठी कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक में उनके खिलाफ सदस्यों द्वारा उठाई गई नोटिस देने की बात पर बिफर गए. मामला प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त से जुड़ा बताया जा रहा है. रितेश त्रिपाठी संजय दत्त की कार्य पद्धति पर कई समय से सवाल उठाते आए हैं. उनका मानना है कि दत्त यहां आते हैं तो केवल प्रायवेट लिमिटेड कांग्रेसी नेताओं से बात करके चले जाते हैं, उनकी बात सुनी जाती है और हम जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज किया जाता रहा है.
इसी नाराजगी के बीच रितेश त्रिपाठी की शिकायत की गई कि उन्होंने फिल्म खलनायक के संजय दत्त के माध्यम से सह प्रभारी की छबि को जोड़ा. बताया जा रहा है कि जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष के ध्यानाकर्षण पर जिलाध्यक्ष मनीष चौधरी ने रितेश त्रिपाठी को नोटिस देने की कार्रवाई की. इसके बाद देवास की राजनीति गरमा गई है. त्रिपाठी ने भी सबूत के साथ उनके खिलाफ षडयंत्र रच रहे नेताओं को घेरने की तैयारी कर ली है
