उद्योग, व्यापार क्षेत्र को मजबूत करने का उत्तर प्रदेश का प्रयास सराहनीय: गोयल

नयी दिल्ली/ ग्रेटर नोएडा, 29 सितंबर (वार्ता) केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश में व्यापार और उद्योग क्षेत्र को मजबूत करने की राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा है कि यह देश का पहला राज्य है जिसने केवल निर्यात संवर्धन के लिए समर्पित एक अलग मंत्रालय स्थापित किया है।

श्री गोयल सोमवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 के तीसरे आयोजन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने राज्य की प्रगति के बारे में कहा कि राज्य ने समावेशी विकास के दृष्टिकोण के साथ अभूतपूर्व प्रगति की है, जिसने समाज में हर वर्ग, व्यवसाय में हर छोटे और बड़े व्यवसाय को समान रूप से प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश में व्यापार और उद्योग को मज़बूत करने में इसके सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खादी, कपास और कुटीर उद्योग जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। उन्होंने एक ज़िला, एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल की भूमिका पर ज़ोर दिया, जो अब देश भर के 750 से अधिक ज़िलों तक पहुँच चुकी है। श्री गोयल ने बताया कि ओडीओपी के तहत 1200 से अधिक उत्पादों पर विशेष ध्यान दिया गया है, और केंद्र तथा राज्य सरकारें उन्हें घरेलू और वैश्विक बाज़ारों में बढ़ावा देने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसे ज़िला उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए देश के प्रत्येक राज्य में यूनिटी मॉल स्थापित किए जाएँगे। ये मॉल राज्य-विशिष्ट और अंतर-राज्यीय, दोनों तरह के उत्पादों के लिए एक मंच प्रदान करेंगे, जिससे कारीगरों और उद्यमियों को अधिक बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश में ऐसे तीन मॉल लखनऊ, आगरा और वाराणसी में होंगे।

उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के प्रधानमंत्री के आह्वान पर भी ज़ोर देते हुए कहा, “हर उत्पाद में भारतीय श्रमिकों का खून और मेहनत होती है।”

श्री गोयल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढाँचे के विकास—जिसमें समर्पित माल गलियारा, एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब, अंतर्देशीय जलमार्ग और कंटेनर डिपो शामिल हैं—ने इसके व्यापार और उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र को काफ़ी मज़बूत किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), महिला उद्यमियों, स्वदेशी उत्पादों और निर्यातोन्मुखी इकाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया है।

श्री गोयल ने वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में सुधार को ऐतिहासिक बताते हुए कहा “22 सितंबर इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। मेरा मानना है कि आज़ादी के बाद यह सबसे बड़ा सुधार है, जिसका प्रभाव दशकों तक महसूस किया जाएगा।”

समापन समारोह को उत्तर प्रदेश के मंत्री राकेश सचान और नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने सम्बोधित किया। राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति के अनुसार ‘भागीदार देश ‘रूस और वहां की 30 से ज्यादा इकाइयों ने उत्तर प्रदेश में निवेश की इच्छा जताई। इस प्रदर्शनी और सम्मलेन में देश के विभिन्न स्थानों से आयीं इकाइयों ने 2,200 से अधिक स्टॉल लगाये और 80 देशों के 500 खरीदारों ने भाग लिया । इस दौरान 26 शैक्षणिक संस्थानों ने व्यावसायिक इकाइयों के साथ करार किये और विद्यार्थियों ने भी भाग लेकर करोबार के विचारों को समझा।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस दौरान राज्य के विभिन्न जिलों के उत्पादों ( ओडीओपी) और एमएसएमई क्षेत्र से कारीगरों को कई ऑर्डर मिले और पहचान मिली।

 

 

 

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