
सागर।क्षत्रिय महासभा जिला सागर के तत्वावधान में जिले भर से आए क्षत्रिय समाज के लोगों ने खेल परिसर से रैली निकाल कर जिला कलेक्ट्रेट पहुंच कर दो ज्ञापन सौंपे। एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम था जिसमें विगत जैसीनगर की आमसभा में मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत द्वारा मुख्यमंत्री डा मोहन यादव से कराई गई जैसीनगर का नाम बदलने की घोषणा निरस्त करने की मांग की गई , दूसरे ज्ञापन में सागर में स्वीकृत वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना डेढ़ माह के भीतर कराने की मांग की गई। सिटी मजिस्ट्रेट अमन मिश्रा ज्ञापन लेने आए जिन्हें क्षत्रिय महासभा जिला सागर के अध्यक्ष ने दोनों ज्ञापन पढ़ कर सुनाए। पहले ज्ञापन में कहा कि मान मुख्यमंत्री द्वारा जयसिंह नगर का नाम बदलने की घोषणा से दांगी क्षत्रिय समाज को गहरा आघात पहुंचा है क्योंकि इस नगर की स्थापना 1679 में गढ़पहरा के दांगी राजपूत शासक जय सिंह देव ने की थी और स्थापना के समय से ही यह नगर उनके नाम पर ही जयसिंह नगर के रूप में जाना जाता है। ज्ञापन में कहा गया कि सागर जिले का एक परिवार दांगी राजपूत क्षत्रिय समाज के इतिहास को मिटाने के षडयंत्र कर रहा है और जिला प्रशासन, मध्यप्रदेश शासन यहां तक कि मुख्यमंत्री को भी गुमराह करके अपने इस षड्यंत्र में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। ज्ञापन में प्रामाणिक एतिहासिक साक्ष्यों का हवाला भी दिया गया जिससे यह तथ्य स्थापित हुआ कि जयसिंह नगर का नाम उसके संस्थापक दांगी क्षत्रिय शासक के नाम पर ही है। ज्ञापन में कहा कि कि क्षत्रिय महासभा ने ज्ञापन में अल्टीमेटम दिया है कि 5 अक्तूबर तक मुख्यमंत्री द्वारा जयसिंह नगर का नाम बदले जाने की घोषणा शासन स्तर से निरस्त नहीं की गई तो 5 अक्तूबर से जिले के सभी ब्लाकों पर इसके विरोध में ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर मांग नहीं मानी गई तो संपूर्ण प्रदेश की दांगी राजपूत क्षत्रिय समाज भोपाल में प्रदर्शन करेगी। उल्लेखनीय है कि जयसिंह नगर का नाम बदले जाने की घोषणा से आक्रोशित दांगी क्षत्रिय समाज ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी विरोध में ज्ञापन दिया है।
