सतना :शारदेय नवरात्रि के अवसर पर प्रतिदिन सुबह सवेरे माता को जल अर्पित करने के लिए निकलने वाली महिलाओं को उस वक्त डर सताने लगा, जब उन्हें जिले की नागौद तहसील क्षेत्र में हुई घटना के बारे में जानकारी मिली. सुबह की सैर करने के लिए निकलीं राजस्व अधिकारी की पत्नी से एसडीएम बंगले के सामने लाखों रुपए के आभूषण ठग लेने के बाद आरोपी बड़े आराम से वहां से निकल गए. इस तरह की गंभीर घटना सामने आने के बावजूद भी एक ओर जहां नागौद पुलिस देर से जागी वहीं दूसरी ओर अनमने ढंग से कार्रवाई करती नजर आई.
प्राप्त जानकारी के अनुसार नागौद तहसील अंतर्गत पदस्थ नायब तहसीलदार राजेंद्र मांझी की पत्नी श्रीमती विनीता मांझी हर रोज की तरह रविवार की सुबह भी मॉर्निंग वाक करने के लिए निकली थीं. सुबह के लगभग 6:30 बजे जैसे ही वे टहलते हुए एसडीएम बंगले के सामने पहुंची. वहां पर अचानक ही लगभग 30 वर्षीय बाइक सवार युवक उनके सामने आ गया. सलीकेदार कपड़ा पहने हुए युवक ने श्रीमती मांझी से कहा कि वे काफी परेशान लग रही हैं. यह सुनकर श्रीमती मांझी ने कहा कि कुछ समय पहले वे परेशान थीं, लेकिन अब ऐसी कोई बात नहीं है. जिस युवक ने तपाक से कहा कि वह उन्हें देवी मां के दर्शन यहीं पर करा सकता है.
जिससे उनकी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी. इसी कड़ी में युवक ने श्रीमती मांझी से निकट स्थित करंजी के 2-2 पत्ते तोडक़र लाने के लिए कहा. यह सुनकर श्रीमती मांझी ने ऐसा कुछ भी करने से मना कर दिया. इसी दौरान एक अन्य युवक वहां आ धमका जिसने नाटक करते हुए बताया कि वह बहुत परेशान है. यह सनुकर पहले युवक ने दूसरे और स्वयं को परेशान बता रहे युवक ने अपना पर्स बाहर निकालने के लिए कहा. जब दूसरे युवक ने अपना पर्स बाहर निकाला तो पहले युवक ने उसे श्रीमती मांझी के हाथ पर रख दिया और कुछ मंत्र पढऩे का नाटक किया.
निर्धारित योजना के चलते पहले वाले युवक ने दूसरे युवक को पेड़ से 2-2 पत्ते तोडक़र लाने के लिए कहा. पेड़ से पत्ते तोडक़र लाने और आंखे बंद कर कुछ कदम चलने का नाटक करने के फौरन बाद ही दूसरे युवक ने कहा कि उसे देवी मां के दर्शन हो गए. जिसके बाद दूसरे युवक को उसका पर्स लौटा दिया गया. इस घटना का नाटक करते हुए दोनों ने श्रीमती मांझी का विश्वास जीत लिया. जिसके बाद श्रीमती मांझी के ऊपर कुछ छिडक़ते हुए उनकी कान की बाली, नाक की नथनी, मंगलसूत्र और चूडिय़ां उतरवाकर उन्हें वहां पर खड़े दूसरे युवक के हाथ पर रखने के लिए कहा. जिसके बाद श्रीमती मांझी को अपनी आंखे बंद कर 10 कदम आगे बढ़ते हुए 51 तक ही गिनती गिनने के लिए कहा गया. कहे अनुसार करने के बाद जब श्रीमती मांझी पे पलट कर देखा तो दोनों युवक नदारद हो चुके थे. स्वयं को ठगे जाने का अहसान होते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.
महिला सफाईकर्मी ने देखा
जिस दौरान श्रीमती मांझी के साथ यह घटना हो रही थी उसी दौरान वहीं से कुछ दूरी पर एक महिला सफाईकर्मी झाड़ू लगा रही थी. हलांकि झाड़ू लगाने के दौरान सफाईकर्मी की नजर उन लोगों पर पड़ी. लेकिन सामान्य बातचीत समझकर वह अपना काम करती रही. वहीं जब दोनों युवकों के चले जाने के बाद श्रीमती मांझी गुमसुम खड़ी नजर आईं, यह देख महिला सफाईकर्मी उनके पास पहुंच गई. सफाईकर्मी के अनुसार श्रीमती मांझी के पास से तीव्र खुशबू आ रही थी. जब उसने घटना के बारे में जानने की कोशिश की तो श्रीमती मांझी ने कोई जवाब नहीं दिया. यह देख महिला सफाईकर्मी को यह कोई झाड़-फुंक का मामला लगा, और वह वहां से चली गई
