जबलपुर: बरगी थाना अंतर्गत घुटिया जंगल में चरने के लिए गई पांच लाख की भैंसे गायब हो गई। मामला थाने तक पहुंचा। जांच पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि चार लोगों ने दो भैंसों को करंट लगाकर मार डाला था इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए खेत में ही उन्हें दफना दिया गया जबकि अन्य भैंसे अब भी गायब है। पुलिस ने अब आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक मनोज यादव पिता रघुवीर यादव निवासी ग्राम पिडरइ, यादव मोहल्ला ग्राम एठाखेडा, तिलवारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह डेयरी संचालक है। उसके पास 62 भैंस एंव 3 पडा है। 7 सितम्बर को उसकी 65 भैंस गांव में चरवाहा ढालचंद यादव भैंसो को चराने के लिये लेकर ग्राम घुटिया जंगल में लेकर निकला था, शाम को उसकी भैंस के वापस आने पर गिनती किया तो देखा कि उसकी दस भैंस एवं एक पडा गायब है।
22 सितम्बर को पता चला कि उसकी भैंस बुद्ध सिंह एंव बारेलाल के खेत में देखी गई थी, इसके बाद तलाशते हुये उसके खेत तक गये थे तो देखा कि बुद्ध सिंह एंव बारेलाल, राजू गौड ने अपने खेत में गड्डा खोदकर उसकी दो भैंसे दफन कर दी थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। गड्डे में दफन भैसो को निकलवाकर भैंसो की पहचान करवाकर भैंसो का पोस्टमार्टम कराया गया है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि बूद्ध गौड, बारेलाल गौड, राजू गौड एंव प्रहलाद गौंड के द्वारा भैसो को खेत में करंट लगाया गया था जिसकी चपेट में आने से भैंसों की मौत हो गई थी। जिसके बाद उन्होंने मृत भैंसों को अपने खेत में गड्डा कर छिपा दिया था। जबकि अन्य भैंसे पांच लाख की अब भी गायब है जिनकी तलाश जारी है। इसके साथ ही बुध्दू गौंड, बारेलाल गौंड, राजू गौंड, प्रहलाद गौंड के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
