नई दिल्ली। लद्दाख में हाल ही में भड़की हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के गैर-सरकारी संगठन स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया। गृह मंत्रालय का कहना है कि संगठन ने विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम का लगातार उल्लंघन किया है।
आदेश के अनुसार, वांगचुक के कई व्यक्तिगत और साझा बैंक खातों में सीधे विदेशी धन जमा हुआ, जिनमें से आठ खाते घोषित नहीं किए गए थे। मंत्रालय ने दावा किया कि 2021 से 2024 के बीच करोड़ों रुपये विदेशों से आए और इनमें से करीब 2.3 करोड़ रुपये विदेश भेजे गए, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका गहराई।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि वांगचुक खुद को जनप्रतिनिधि की तरह प्रस्तुत करते हैं, लेकिन वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। वहीं, वह कॉर्पोरेट जगत की आलोचना करते हुए भी सरकारी व निजी कंपनियों से सीएसआर फंड लेते रहे।
गौरतलब है कि लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर हुए आंदोलन में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है और करीब 80 लोग घायल हुए हैं।
