एसके चौहान
सलकनपुर।शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हुए तीन दिवस बीत चुके हैं. प्रदेश भर में जहां चारों ओर नवरात्रि की धूम देखी जा रही है. वहीं देवीधाम सलकनपुर में देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए आते हैं. विशेष तौर से नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी विजासन के दर्शन का कुछ अलग ही महत्व माना जाता है. जहां दूर-दूर से श्रद्धालु पैदल एवं निजी वाहनों से चरण दंडवत करते हुए श्रद्धालु रोपवे सड़क मार्ग और सीढिय़ों द्वारा मंदिर पहुंचते हैं.
प्रदेश में प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीधाम सलकनपुर की उत्पत्ति एवं प्राकट्य एवं मंदिर निर्माण को लेकर लोगों के मन में हमेशा जिज्ञासा रही है कुछ जानकारों का मानना है कि यहां मां का आसन गिरने से विजासन धाम नाम पड़ा. जिसका उल्लेख महापुराण श्रीमद् भागवत कथा में है. मां विजासन मंदिर निर्माण के संबंध में कहा जाता है कि आज से लगभग 300 वर्ष पूर्व बंजारा द्वारा उनकी मनोकामना पूर्ण होने पर इस मंदिर का निर्माण किया गया था.
विंध्यवासिनी मां विजासन की वैसे तो प्रात: साढ़े 5, दोपहर में साढ़े 12 बजे, शाम को साढ़े 7 बजे दिन में तीन बार आरती होती है. जबकि नवरात्र के समय में यहां पांच बार आरती होती है. आरती का समय सुबह 5.30, 9.30, दोपहर 11.30, शाम 7.30, रात 9.30 बजे शयन आरती होगी. श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर बालागुरु के निर्देशानुसार दर्शनार्थियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए पार्किंग, पेयजल, पर्याप्त बिजली व्यवस्था की गई है. असुविधा से बचने के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए हैं. श्रद्धालुओं के आने एवं जाने के लिए रास्तों में सुगमता लाई गई है, पुलिस कर्मियों की पर्याप्त ड्यूटी लगाई गई है. वहीं दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए सराहनीय चिकित्सकीय व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई है.
शिवराज की दिलचस्पी से निखरा देवीलोक सलकनपुर
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का मां विजासन धाम से पुराना नाता रहा है. नवरात्रि में प्रतिवर्ष परिवार सहित पूजन करने जरूर आते हैंं. मुख्यमंत्री रहते हुए चौहान द्वारा सलकनपुर को बहुत बड़े पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के सपने को सरकार करते हुए. प्रदेश शासन द्वारा करोड़ों की लागत से बनने वाले देवी लोक की आधारशिला रखी थी जो अब मूर्त रूप ले चुकी है. बताया जा रहा है कि लाखों करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र सलकनपुर में बना रहे देवीलोक को इसी वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा.
