
नई दिल्ली।आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) ने 24 सितंबर 2025 को दावणगेरे पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (एसपीवी) को पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को सौंप दिया। यह परियोजना आईएसटीएस ट्रांसमिशन के तहत टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से विकसित की गई है। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन बीओओटी आधार पर ट्रांसमिशन परियोजना का विकास करेगी।
आरईसीपीडीसीएल के सीईओ टी.एस.सी. बोश ने कंपनी सचिवालय के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक अरूप कुमार सामंत को एसपीवी सौंपा। परियोजना की कार्यान्वयन अवधि 24 महीने है। इसमें 1×1500 एमवीए 765/400 केवी आईसीटी, 4×500 एमवीए 400/220 केवी आईसीटी और 220 केवी लाइन बे के माध्यम से दावणगेरे पावर स्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। अनुमानित लागत लगभग 366.26 करोड़ रुपये है।
आरईसीपीडीसीएल, आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विद्युत पारेषण परियोजनाओं का कार्यान्वयन करती है और टीबीसीबी परियोजनाओं के लिए बोली प्रक्रिया समन्वयक के रूप में काम करती है। आरईसी लिमिटेड भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत ‘महारत्न’ कंपनी है और बिजली क्षेत्र की प्रमुख योजनाओं में रणनीतिक भूमिका निभा रही है। यह अवसंरचना निर्माण और वित्तपोषण में भी सक्रिय है।
