मुंबई, 24 सितंबर (वार्ता) ऑटो, आईटी और रियलिटी शेयरों में तेज बिकवाली से बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में लगातार चौथे दिन गिरावट रही और प्रमुख सूचकांक लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुये।
बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 386.47 अंक लुढ़ककर 81,715.63 अंक पर बंद हुआ। बीच कारोबार में यह 81,607.84 अंक तक टूट गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 112.60 अंक टूटकर 25,056.90 अंक पर रहा। यह दोनों का 11 सितंबर के बाद का निचला स्तर है।
रियलिटी, ऑटो और आईटी के साथ निजी बैंकों, धातु, तेल एवं गैस और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद सेक्टरों पर भी दबाव रहा। सिर्फ एफएमसीजी सेक्टर में तेजी रही जिसमें पिछले कुछ समय से बिकवाली हावी थी।
सेंसेक्स की 30 में से 21 कंपनियों में गिरावट देखी गयी। टाटा मोटर्स का शेयर सबसे अधिक 2.67 प्रतशित गिरकर बंद हुआ। बीईएल में 2.24 फीसदा, अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.52, टेक महिंद्रा में 1.30, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.13 और एक्सिस बैंक में 1.02 प्रतिशत की गिरावट रही।
आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स, टाइटन, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक और आईटीसी में भी गिरावट रही। पावर ग्रिड में सबसे अधिक 1.63 प्रतिशत की तेजी रही। हिंदुस्तान यूनीलिवर और एनटीपीसी दोनों के शेयर 1.31 फीसदी चढ़े। मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एलएंडटी के शेयर भी बढ़त में रहे।
एनएसई में जिन 3,134 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें 2,056 में गिरावट और 993 में तेजी रही जबकि 85 कंपनियों के शेयर दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद अंत में अपरिवर्तित रहे।
मझौली और छोटी कंपनियों पर बिकवाली की ज्यादा दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.07 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.67 फीसदी टूट गया।
एशिया में जापान का निक्केई 0.30 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.83 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 1.37 प्रतिशत की बढ़त में रहा। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट रही और जर्मनी का डैक्स 0.20 प्रतिशत तथा ब्रिटेन का एफटीएसई 0.12 प्रतिशत नीचे था।

