सतना:विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमर सिंह सिसोदिया अष्टम अपर सत्र न्यायालय द्वारा अबोध बालिका का शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को 7 वर्ष का सश्रम कारवास और 3 हजार रु के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई. इस मामले में अभियोजन का संचालन विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट अनूप गुप्ता द्वारा किया गया.
अभियोजन प्रवक्ता संदीप कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत तरहटी सोहावल निवासी चंदन उर्फ अरुण प्रताप सिंह पिता ललन उम्र 46 वर्ष को अबोध बालिका का शारीरिक शोषण करने के मामले में न्यायालय द्वारा दोषी पाए जाने पर पाक्सो एक्ट के अंतर्गत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 3 हजार रु के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई. घटना 21 अगस्त 2024 की दोपहर की है.
जब बालिका की मां नमाज पढऩे के लिए अपने घर की ओर जा रही थी. इसी दौरान उसे अपनी 4 वर्षीय मासूम बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. जब मां ने बाहर आकर देखा तो एक आटो में पीछे सवारी वाली सीट पर उसकी बेटी बैठी दिखाई दी. जबकि चंदन सिंह आटो के दरवाजे के पास खड़ा नजर आया. चंदन द्वारा बालिका के साथ अश£ील हरकत की जा रही थी, और मां को देखते ही उसने अपना हाथ हटा लिया.
यह देख मां ने शोर मचाया जिसके चलते आरोपी चंदन वहां से भाग गया. घर ले जाकर जब मां ने पूछा तो बालिका ने चंदन द्वारा अश्लील हरकत किए जाने की पुष्टि की. जिसके बाद घटना की शिकायत थाने में की गई. वहीं पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया. सभी साक्ष्य-साक्षियों और उभयपक्ष द्वारा दिए गए तर्क को सुनने के बाद न्यायालय द्वारा उक्त दण्डादेश पारित किया गया.
