वाशिंगटन, डीसी, 21 सितंबर (वार्ता) अमेरिकी उद्यमी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की चंद्र परियोजना में देरी के कारण अमेरिका अंतरिक्ष की दौड़ में पीछे हो रहा है। स्पेसएक्स का चंद्र मिशन के लिये नासा के साथ करार है।
न्यूयार्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से यह जानकारी दी है। समाचार पत्र ने कहा कि स्पेसएक्स की चंद्र लैंडर परियोजना अपने तय समय इतनी पीछे है कि इस बात पर शक बढ़ रहा कि अमेरिका चीन को मात दे पायेगा। चीन की अपनी योजना और लैंडिंग की तारीख 2030 तय है।
समाचार पत्र से बात करने वाले नासा के पूर्व अधिकारियों के मुताबिक स्पेसएक्स का रॉकेट स्टारशिप इस मिशन के लिये कई सालों में तैयार हो पायेगा। स्टारशिप द्वारा अब तक अंतरिक्ष यात्रियों या वाणिज्यिक माल ढोना बाकी है और हाल ही में हुये तीन से चार परीक्षणों के दौरान इसमें विस्फोट हो चुका है।
विशेषज्ञों ने कहा कि इस तथ्य से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है कि अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्र सतह पर पहुंचाने की श्री मस्क की महत्वकांक्षी योजना, अंतरिक्ष में ईंधन भरने की ऐसी प्रक्रिया पर निर्भर करती है जिसका पहले कभी परीक्षण नहीं किया गया। नासा के पूर्व इंजीनियर इसे जोखिम भरा और निर्धारित समय से पीछे मानते हैं। साथ ही कहा कि चंद्र मिशन के लिये इसे तैयार करने में कई साल लग सकते हैं।
नासा के पूर्व कर्मचारियों का भी मानना है कि समस्या का एक हिस्सा उनके द्वारा चुनी गयी अत्यधिक जटिल और जोखिम भरी चंद्र लैंडिंग योजना है।
