
मंदसौर। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण और लगभग 500 वर्ष पुराने देवडूंगरी माता मंदिर में नवरात्रि पर्व की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। रेवास-देवड़ा मार्ग पर 9 किमी दूर, 300 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 151 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
माता के दरबार में मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है। विशेषकर संतान प्राप्ति हेतु बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर की अनोखी परंपरा है कि हर रविवार को पुरुष महिला के वस्त्र धारण कर दर्शनार्थियों का न्याव करते हैं।
आज से शुरू हो रहे 9 दिवसीय नवरात्रि महोत्सव में वाड़ी व घट स्थापना, कन्यापूजन, खप्पर यात्रा, प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे महाआरती तथा 9 दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन होगा। कथा का वाचन पं. प्रियाशराज व्यास (भटपचलाना) करेंगे।
मंदिर परिसर में भक्त मंडल व ट्रस्ट के सहयोग से भव्य तैयारियाँ की गई हैं। इस अवसर पर मेला भी सजेगा, जिसमें छोटे व्यापारी अपने ठेले और दुकानें लगाएंगे।
विशेष आयोजन के रूप में 28 सितंबर रविवार को बालागंज अंबे माता मंदिर से ध्वजा वाहन यात्रा निकलेगी, जो देवडूंगरी माता मंदिर पहुंचकर मां को ध्वज अर्पित करेगी। इसमें संत-महात्मा, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे।
नवरात्रि के दौरान मंदिर के पंडित द्वारा मां दुर्गा के नौ रूपों के बीज मंत्रों का जाप कराया जाएगा, जिससे वातावरण भक्तिमय रहेगा।
