
रीवा। रीवा जिले में बाल श्रम नियोजन के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा बड़े पैमाने पर छापामार कार्यवाही की गई.
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में विशेष किशोर पुलिस इकाई, श्रम विभाग एवं सामाजिक संगठनों की संयुक्त टीम शामिल रही. कार्यवाही के दौरान खन्ना चौराहा, सिरमौर चौराहा और ढेकहा क्षेत्र में संचालित वाहन रिपेयरिंग एवं कार वॉशिंग दुकानों पर छापा मारा गया. यहां कुल 7 बाल एवं किशोर श्रमिकों को नियोजित पाया गया. सभी बच्चों को तुरंत मुक्त कराकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से उन्हें बाल गृह भेज दिया गया है. जिन दुकानदारों व नियोजकों द्वारा बालकों को कार्य में लगाया गया था, उनके विरुद्ध बाल एवं कुमार श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 एवं संशोधित अधिनियम 2017 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है. इस कानून के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के बालकों को नियोजित करने पर 20 हजार से 50 हजार रुपए तक जुर्माना अथवा 6 माह से 2 वर्ष तक की जेल अथवा दोनों का प्रावधान है. इस अभियान में उप निरीक्षक विशेष किशोर पुलिस इकाई श्रीमती मिथिलेश यादव, श्रम पदाधिकारी प्रिया अग्रवाल, श्रम निरीक्षक सुशील कुमार, श्रम निरीक्षक अंकुर यादव, थाना सिविल लाइन का पुलिस बल सम्मिलित रहा.
