इज़रायल की लगातार बमबारी फ़िलिस्तीनियों पर पड़ रही है भारी

संयुक्त राष्ट्र, 18 सितंबर (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र (संरा) के मानवीय सहायताकर्ताओं ने बुधवार को कहा कि गाजा शहर में बढ़ती इज़रायली बमबारी और ज़मीनी कार्रवाई फ़िलिस्तीनियों पर लगातार भारी पड़ रही है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से बताया कि गाजा शहर के रंतिसी चिल्ड्रन हॉस्पिटल पर रात भर कई बार हमला किया गया। इस अस्पताल में 80 मरीज़ थे, जिनमें 12 बच्चे और शिशु गहन चिकित्सा कक्ष में थे। आधे मरीज़ और उनके देखभाल करने वाले सुरक्षा की तलाश में गोलीबारी के बीच भागने को मजबूर हुए।
संरा जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने कहा कि गाजा में इज़रायली सैन्य अभियान के कारण महिलाएँ बिना अस्पतालों, डॉक्टरों या साफ़ पानी के सड़कों पर बच्चों को जन्म देने को मजबूर हैं। इसमें कहा गया है कि 23 हजार महिलाएँ बिना देखभाल के रह रही हैं और हर हफ़्ते लगभग 15 बच्चे बिना किसी चिकित्सा सहायता के पैदा हो रहे हैं।”
ओसीएचए ने कहा कि उसके मानवीय सहयोगियों ने बताया है कि मार्च में युद्धविराम टूटने के बाद से, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य बाह्य रोगी सेवाएँ प्रदान करने वाले 80 चिकित्सा केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 65 सेवा से बाहर हैं।

ओसीएचए ने कहा कि इज़रायली सेना ने बुधवार को लोगों को अगले 48 घंटों के भीतर गाजा शहर छोड़ने और एक अस्थायी मार्ग से दक्षिण की ओर जाने का आदेश दिया।
शत्रुता के दौर के बीच, हज़ारों लोग पलायन कर रहे हैं। सड़कें जाम हैं, लोग भूखे हैं और बच्चे सदमे में हैं।
सोमवार और मंगलवार के बीच, गाजा में लोगों की आवाजाही पर नज़र रखने वाले संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहयोगियों ने दक्षिण की ओर लगभग 40 हजार विस्थापन दर्ज किए। अगस्त के मध्य से, लगभग दो लाख लोगों की आवाजाही दर्ज की गई है, जिसमें कई महिलाएँ, बच्चे और वृद्ध लोग घंटों पैदल चल रहे हैं।
ओसीएचए ने मंगलवार को कहा, “विस्थापन आदेश जारी करने से संघर्षरत पक्ष अपनी शत्रुता के दौरान नागरिकों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो जाते।” गाजा में प्रवेश करने वाले क्रॉसिंग से खाद्य सामग्री एकत्र करने के लिए दो मानवीय अभियानों को या तो रद्द कर दिया गया या अस्वीकार कर दिया गया। अन्य अभियानों को सुगम बनाया गया, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उन्हें बाधाओं का सामना करना पड़ा।

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