
सौंसर। लगातार हो रही झमाझम बारिश से क्षेत्र की नदियाँ और नाले उफान पर हैं। इसी कड़ी में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार लोहांगी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक डॉक्टर रोज़ की तरह अस्पताल से घर लौट रहे थे। रामाकोना से कुछ दूरी पर ग्राम देवी के पास बने नाले की पुलिया पर पानी तेजी से बह रहा था। इस बीच डॉक्टर शिरीष पांडे ने टू-व्हीलर से पुलिया पार करने की कोशिश की, लेकिन पानी के तेज बहाव में बीच पुलिया पर उनका संतुलन बिगड़ गया और वाहन बह गया। गनीमत रही कि डॉक्टर ने समय रहते टू-व्हीलर छोड़ दिया और अपनी जान बचाने में सफल रहे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी तुरंत मदद कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
कोई नई स्थिति नहीं – वर्षो से हो रही अनदेखी
स्थानीय ग्रामीणों और पूर्व जनपद सदस्य राजेश बडवाईक का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में यह पुलिया मौत को न्यौता देती है। बाढ़ का पानी पुलिया के ऊपर से बहता है और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। इस विषय में ग्रामीण कई बार प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अवगत करा चुके हैं। मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार मुक्त समिति ने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पुलिया की स्थायी मरम्मत और वैकल्पिक समाधान की मांग की थी। लेकिन आज तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
“प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है”
बडोसा के ग्रामीण अशोक सोनेकर का कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। बार-बार चेताने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी कोई बड़ी जनहानि हो सकती है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि इस पुलिया का स्थायी समाधान निकाला जाए। यहाँ या तो ऊँचा पक्का पुल बनाया जाए या फिर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए, ताकि आमजन का जीवन सुरक्षित रह सके। बरसात हर साल आती है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुलिया को पार करना पड़ता है। डॉक्टर के साथ घटी घटना प्रशासन के लिए सबक है। अब देखना होगा कि प्रशासन इसकी सुध लेता है या फिर किसी बड़ी घटना के इंतजार में है। फिलहाल इस ओर ग्रामीणों की नजरें टिकी हुई है।
