जबलपुर। सनातन संस्कृति और मानवता की रक्षार्थ अपना महान बलिदान देने वाले सिख धर्म के नवमें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350 वें शताब्दी शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आसाम स्थित पवित्र गुरुद्वारा धोबड़ी साहिब, आसाम से शुरू होकर 13 प्रदेशों को कवर करती हुई आनंदपुर साहिब पंजाब में समाप्त होने वाली राष्ट्रीय शताब्दी यात्रा के सम्मान में नगर के सिख समाज के विभिन्न संगठनों ने भव्य और प्रेरक नगर कीर्तन निकाल कर यात्रा का अभूतपूर्व अभिनन्दन, स्वागत और वंदन किया। इसमें नगर के अन्य धर्मावलंबी भी शामिल हुए । प्रेमनगर गुरुद्वारे से शुरू हुए भव्य नगर कीर्तन में यात्रा के साथ आए विशेष वाहन में, सिख गुरु हरगोबिंद साहिब, गुरु तेग बहादुर साहिब और गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के ओरिजिनल पुरातन शस्त्र एवं श्रीगुरू ग्रंथ साहिब जी की पवित्र बीड़ साहिब दर्शनार्थ स्थापित की गई थी। यहां शामिल पंथिक पंज प्यारे, रणजीत नगाड़ा वादन करते योद्धा, सिख मार्शल आर्ट गतकां के करतब दिखाते युवा, और गुरुवाणी की धुन बजा कर माहौल को भक्तिमय बनाने वाले बैंड दल के साथ ही समूचे पथ को झाड़ू से बुहार कर पुष्पों से पाट देने वाले बच्चे और युवा सेवादार बरबस ही ध्यानाकृष्ट कर रहे थे। दूसरी तरफ कृषि क्षेत्र के भारी भरकम ड्रोन से मुक्ताकाश से लगातार बहुरंगी पुष्पों की वर्षा कर अनूठा और रोमांचक सत्कार किया जा रहा था।
छत्तीसगढ़ के लिए किया प्रस्थान
समापन के अवसर पर मालवीय चौक स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक स्थली मढ़ाताल में कीर्तन दरबार और गुरु का लंगर वितरित किया गया । इसके तुरंत बाद गोरखपुर, सदर, बिलहरी बरेला होते हुए यात्रा ने बिलासपुर छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान किया। यात्रियों को पुष्पहार और सिरोपा प्रदान कर सम्मानित किया गया। सिख सेवक जत्था, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जबलपुर और जबलपुर सिख संगत, गुरुद्वारा प्रेमनगर मढ़ाताल एवं युवा संगठनों का विशेष योगदान रहा। आयोजक सिख सेवक जत्थे के अध्यक्ष मनमोहन सिंह ने आभार व्यक्त किया।
