
*समीक्षा बैठक में अफसरों को दिए कड़े निर्देश*
नवभारत न्यूज
ग्वालियर। रियासतकालीन शहर ग्वालियर पिछले कई महीनों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, सड़कों के गड्डों के और लाखों रुपये खर्च कर तैयार नई बनी सड़क के बार बार धंसने की बदनामी राष्ट्रीय स्तर पर होने के बाद भी जब अफसरों ने कोई सुध नहीं ली तो दो मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की, इसी सिलसिले को बढ़ाते हुए आज केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं, उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ग्वालियर की सड़कें बदहाल हैं और इसे तत्काल सुधारा जाए।
ग्वालियर चंबल संभाग के सात दिवसीय दौरे पर आये केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में ग्वालियर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की, करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में ग्वालियर में चल रहे प्रोजेक्ट पर बिन्दुवार चर्चा की गई, सिंधिया ने ग्वालियर की बदहाल सड़कों पर विशेष रूप से चर्चा की , इसपर करीब आधा घंटे अफसरों ने और जन प्रतिनिधियों ने अपनी अपनी बात रखी, उन्होंने कहा कि ग्वालियर की सड़कों की स्थिति वाकई में बदहाल हैं।
*ग्वालियर में अब लाल पीली सड़कें*
सिंधिया ने सभी की बात सुनने के बाद अपना एक सुझाव देते हुए निर्देश दिए कि इस पर काम हो, उन्होंने ग्वालियर की सड़कों को दो रंगों लाल पीले रंग में बांटने के निर्देश दिए, लाल सड़कें वो होंगी जो बदतर हो चुकी हैं और पीला रंग उन सड़कों पर होगा जो बारिश में ख़राब हो गई हैं, इन्हें भी दो हिस्सों में बांटा जायेगा एक जहाँ सीवेज और पानी की पाइप लाइन की समस्या है और दूसरा जहाँ जहाँ ये समस्या नहीं है फिर भी बदतर हालत है, तो इस आधार पर जहाँ जल्दी सुधार हो सकेगा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन्हीं रंगों के आधार पर पूरे शहर का नक्शा बनाया जायेगा और उसी आधार पर आवश्यकतानुसार राशि की व्यवस्था की जाएगी, अफसरों को बताना होगा कि कितनी राशि उनके पास है और कितनी की जरुरत और पड़ेगी वे अगली बैठक में ये डिटेल्ड प्रजेंटेशन अफसर देंगे। सिंधिया ने कहा कि आज हमने करीब 18-20 मुद्दों पर चर्चा की है जिसमें सड़कों की बदहाली पर विशेष फोकस किया गया है हमारा प्रयास है कि हम ग्वालियर में राष्ट्रीय स्तर की अधोसंरचना देने की कोशिश करेंगे।
*नवंबर के पहले सप्ताह से बसों का संचालन आईएसबीटी से करने के प्रयास*
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर में बने आईएसबीटी से बसों के संचालन पर भी चर्चा हुई, 1 अक्टूबर को संभागीय आयुक्त बस परमिट पर सुनवाई करेंगे और हमारी कोशिश होगी कि नवंबर के पहले सप्ताह से भिंड और मुरैना वाली बसों का संचालन आईएसबीटी से ही किया जाये।
*सिंधिया ने सभापति तोमर से कहा – “भविष्य में ऐसी गलती न हो”*
ग्वालियर। ग्वालियर कलेक्ट्रेट में बैठक के दौरान उस वक्त सन्नाटा छा गया जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नगर निगम के सभापति मनोज तोमर से जवाब मांग लिया। भरी बैठक में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने नगर निगम परिषद के सभापति मनोज तोमर से सवाल पूछते हुए शहर के कार्यक्रमों से नदारद रहने पर नाराज़गी जताई। सिंधिया ने उनसे साफ कहा – “भविष्य में ऐसी गलती न हो।” अचानक हुई इस ‘क्लास’ से अफसर और नेता सन्न रह गए वहीं सिंधिया समर्थकों के चेहरों पर मुस्कान छा गई। राजनीति का असली रंग और सिंधिया का सख़्त अंदाज़ देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
*सोशल मीडिया पर भिड़े सिंधिया और तोमर समर्थक*
आज की बैठक को लेकर सोशल मीडिया पर सिंधिया और नरेंद्र तोमर समर्थक एक दूसरे पर हमले करते रहे। तोमर समर्थक सोनू मंगल और सिंधिया समर्थक दिनेश शर्मा के बीच बहस हो गई। मंगल ने आरोप लगाया कि बैठक बुलाने का अधिकार प्रभारी मंत्री को है। प्रभारी मंत्री की आड़ में बैठक हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारे नेता व सांसद अपनी संपत्ति बचाने राजनीति में नहीं आए हैं और हमारे नेता मैं मैं नहीं करते।
*ग्वालियर-चंबल में भाजपा की गुटबाजी ने रोका विकास का पहिया : कांग्रेस*
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धर्मेंद्र शर्मा ने आज के घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि भाजपा की अनुशासनहीनता और आपसी झगड़ों ने ग्वालियर-चंबल संभाग को विकास में पीछे धकेल दिया है। ग्वालियर-चंबल संभाग में भाजपा की गुटबाजी अब खुले मंचों और समीक्षा बैठकों तक पहुँच गई है। नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमों की खींचतान ने न केवल पार्टी संगठन को बुरी तरह कमजोर कर दिया है बल्कि जनता के लिए जरूरी विकास कार्य भी ठप हो गए हैं। आज ग्वालियर कलेक्ट्रेट परिसर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में स्थानीय सांसद की अनुपस्थिति और कार्यकर्ताओं के सोशल मीडिया झगड़े भाजपा की गहराती दरार को उजागर कर रहे हैं। भाजपा की गुटबाजी का सच अब खुद भाजपा नेता भी स्वीकार कर रहे हैं।
