मरने के बाद भी नहीं सुकून, रिनियां में मुक्तिधाम पहुंच मार्ग पर दबंगों का कब्ज़ा

नटेरन। तहसील मुख्यालय के समीप ग्राम पंचायत रिनियां के ग्रामीण लंबे समय से मुक्तिधाम तक पहुँच मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक कई बार आवेदन दिए हैं, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्रामवासियों के मुताबिक, जब भी गांव में किसी दिवंगत व्यक्ति का अंतिम संस्कार करना होता है, तो मुक्तिधाम तक शव ले जाना मुश्किल हो जाता है। मुक्तिधाम के आसपास दबंगों ने सरकारी ज़मीन पर तार फेंसिंग कर रखी है और फसलें बो दी हैं। परिणामस्वरूप अंतिम संस्कार के लिए पहुँच मार्ग बंद हो गया है, और बरसात के मौसम में नाला चढ़ जाने से स्थिति और भी खराब हो जाती है।

अभी की हालत यह है कि मुक्तिधाम तक पहुँचने का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध है। लोगों को निजी ज़मीन से होकर जाना पड़ता है। गांव की सुरक्षित चरनोई (गोचर) भूमि पर भी दबंगों ने कब्ज़ा कर लिया है, जिससे मवेशियों को चराने के लिए जगह नहीं बची। नतीजतन आवारा पशु खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। ग्रामवासी सुरेश शर्मा ने बताया, “हमारे गांव में सरकारी ज़मीन पर दबंगों के कब्ज़े से ग्रामीणों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुक्तिधाम के चारों ओर कीचड़, फेंसिंग और फसलों के कारण अंतिम संस्कार के लिए भी रास्ता नहीं बचा है।”इस मामले में तहसीलदार आनंद जैन ने कहा कि उन्हें अभी जानकारी मिली है। “मैंने पटवारी को आदेशित किया है, यदि श्मशान घाट तक पहुँचने का रास्ता बंद है तो जल्द ही खुलवाकर व्यवस्था करवाई जाएगी।”

ग्राम पंचायत सचिव सलमान सिंह अहिरवार ने बताया कि पंचायत के पास सीसी रोड के लिए राशि उपलब्ध है। “राजस्व विभाग द्वारा ज़मीन नाप दी जाती है तो ग्राम पंचायत जल्द ही वहाँ सीसी रोड बनवाने को तैयार है।

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