
(सतीश विश्वकर्मा) उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली के रामपुर में 8 वर्षों से अधूरे पड़े एनएच-43 सड़क और फ्लाईओवर निर्माण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसजनों ने अधूरे पड़े फ्लाईओवर ब्रिज पर धान की रोपाई कर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़क और पुल का निर्माण कार्य लगभग आठ सालों से अधूरा पड़ा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और आमजन की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद उपाध्याय ने कहा कि रामपुर क्षेत्र से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का काम सालों से अटका हुआ है। लगभग सात-आठ साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक सड़क और पुल का काम पूरा नहीं हुआ। आदिवासी क्षेत्र के लोगों के साथ यह अन्याय है। सरकार सोई हुई है, इसलिए हमने रोपा लगाकर विरोध किया। अगर जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया गया तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।
वहीं कांग्रेस नेता रवि मिश्रा ने बताया कि जहां से यह सड़क निर्माण प्रारंभ हुआ था, वहां से लेकर अधिकांश हिस्से में काम पूरा हो चुका है। लेकिन उमरिया जिले का लगभग 15 किलोमीटर हिस्सा अब भी अधूरा पड़ा है। ब्रिज और सड़क का काम आधा-अधूरा है। साल 2016 में कार्य शुरू हुआ था, अब 2025 समाप्त होने को है, फिर भी सड़क पूरी नहीं बनी। मानपुर और बांधवगढ़ दोनों विधानसभा क्षेत्र भाजपा के पास हैं, यहां तक कि मानपुर विधायक मंत्री भी रह चुकी हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में शुरू हुआ यह काम अब तक पूरा नहीं हो सका। भाजपा नेताओं को यह सड़क शायद दिखाई ही नहीं देती। वे कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं। हम केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मांग करते हैं कि आदिवासी क्षेत्र की इस उपेक्षा को खत्म कर जल्द सड़क का कार्य पूरा कराए।
अधूरे पड़े सड़क और फ्लाईओवर के कारण रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित है। भारी वाहनों के आवागमन के दौरान अक्सर जाम की स्थिति बनती है और खराब सड़क की वजह से दुर्घटनाएं भी लगातार हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी की लापरवाही और सरकार की अनदेखी के कारण क्षेत्रीय जनता वर्षों से परेशान है।
