
नई दिल्ली। नागपुर के शहरी परिदृश्य को नया आयाम देने के लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड और नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एन.एम.आर.डी.ए.) ने 8 सितम्बर 2025 को एक महत्वपूर्ण समझौता किया। इस एमओयू के तहत नवीन नागपुर को योजनाबद्ध अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं वित्त केंद्र (आईबीएफसी) के रूप में विकसित किया जाएगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के.पी. महादेवास्वामी और एन.एम.आर.डी.ए. के महानगर आयुक्त संजय मीणा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यह परियोजना 1710 एकड़ भूमि पर विकसित होगी, जिसमें 1000 एकड़ में वाणिज्यिक जिला और 710 एकड़ भूमि भविष्य के विस्तार के लिए सुरक्षित रहेगी। प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर बनने वाले इस केंद्र में अत्याधुनिक अवसंरचना जैसे भूमिगत उपयोगिता सुरंग, जिला शीतलन प्रणाली और स्वचालित अपशिष्ट प्रबंधन शामिल होंगे।
15 वर्षों में तीन चरणों में पूरी होने वाली इस परियोजना से विदर्भ और महाराष्ट्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा, रोजगार सृजन और विश्वस्तरीय शहरी जीवन स्तर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
