मंडला:
जिला अस्पताल मंडला के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती एक साल चार महीने की राधिका भारतिया ने कुपोषण को मात देकर जीवन की जंग जीत ली। राधिका मंडला जिले के मुगली गांव की रहने वाली है।
27 अगस्त को राधिका को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच में अति कुपोषण के साथ निमोनिया और तेज बुखार पाया। हालत नाजुक होने पर उसे तुरंत पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती किया गया। स्थिति सुधरने पर अगले ही दिन उसे पोषण पुनर्वास केंद्र स्थानांतरित कर दिया गया।
भर्ती के समय उसका वजन मात्र 3 किलो 400 ग्राम और लंबाई 59 सेंटीमीटर थी। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश ठाकुर, एनआरसी प्रभारी और टीम की देखरेख में 14 दिनों तक विशेष उपचार चला। इस दौरान उसका वजन बढ़कर 4 किलो 135 ग्राम हो गया और स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे के मार्गदर्शन और नर्सिंग स्टाफ — इंदु जंघेला, रोशनी मेरावी, प्रियंका पटेल, प्रीति जंघेला, शिल्पा पटेल, दुर्गा जंघेला — की मेहनत से राधिका स्वस्थ होकर डिस्चार्ज की गई। सहायक स्टाफ ने उसकी मां को घर पर पौष्टिक आहार और देखभाल संबंधी जरूरी सलाह भी दी।
केंद्र द्वारा राधिका की मां को मजदूरी भत्ते के रूप में 1680 रुपये भी दिए जाएंगे। डिस्चार्ज के समय राधिका पूरी तरह स्वस्थ थी और अब उसे 15 दिन बाद फॉलो-अप के लिए बुलाया गया है।
