श्रावण-भादों में महाकाल मंदिर में 23 करोड़ 61 लाख रुपए का दान आया

उज्जैन। महाकाल मंदिर में इस साल श्रावण व भादो मास में 1 करोड़ 25 लाख यानी सवा करोड़ लोगों ने दर्शन किए। इससे मंदिर में दान भी खूब आया। दो माह में मंदिर प्रबंध समिति को 29 करोड़ 61 लाख रुपए की आय हुई है। यूं तो महाकाल के दरबार में साल भर ही दर्शन के लिए देश व दुनियाभर के श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। लेकिन हर साल श्रावण व भादो के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। इसका एक बड़ा कारण इन महीनों में भगवान महाकाल की सवारी निकलना भी है। जिसे देखने के लिए लोग हर पल ललायित रहते हैं।

दो माह में आए श्रद्धालुओं के साथ दान के आंकड़े जुटाए तो यह जानकारी मिली। मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि इस साल 2025 में श्रावण व भादो मास में सबसे अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े तो दान भी बहुत आया। दो साल की आय की बात करे तो इस बार 9 करोड़ से भी ज्यादा तक आय बढ़ी है। यह अब तक की रिकॉर्ड तोड़ आय मानी जा रही है। महाकाल मंदिर में साल दर साल ऐसे बढ़ते गए दर्शनार्थी। आपको बता दे कि साल 2023 में 99 लाख श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन किए थे। साल 2024 में 90 लाख ही श्रद्धालु आए और इस साल यानी साल 2025 में 1 करोड़ 25 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया।साल 2023 में मंदिर प्रबंध समिति को 20 करोड़ 26 लाख रुपए दान आया था। यानी प्रतिदिन समिति को करीब 51 लाख रुपए मिले। साल 2024 में 23 लाख 16 करोड़ रुपए का दान आया। यह प्रतिदिन 59 लाख रुपए था। इसके बाद इस साल 2025 में श्रावण-भादो में 29 करोड़ 61 लाख रुपए का दान मिला जो कि प्रतिदिन के हिसाब से औसत 75 लाख रुपए रहा। 2025 में 250 रुपए की टिकट से 10 करोड़ 79 लाख, लड्डू प्रसाद से 10 करोड़ 13 लाख, दान पेटियों से 5 करोड़ 23 लाख तथा अन्य मद से 3 करोड़ 26 लाख रुपए की आय हुई है। इस प्रकार समिति को कुल आय 29 करोड़ 61 लाख रुपए की हुई है।

Next Post

अनंत चतुर्दशी महापर्व का भव्य आयोजन, झांकियों और अखाड़ों ने मोहा मन

Sun Sep 7 , 2025
सीहोर। लंबे समय बाद अनंत चतुर्दशी का पर्व सीहोर में भव्यता के साथ मनाया गया. दस दिवसीय गणेशोत्सव के समापन अवसर पर निकले चल समारोह ने पूरे शहर को आलोकित कर दिया. विद्युत रोशनी से सजी झांकियों और अखाड़ों के हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को खूब आनंदित किया. बीते कुछ […]

You May Like