
नर्मदापुरम। आस्था और भक्ति का प्रतीक सेठानीघाट पर हर पूर्णिमा को होने वाली मां नर्मदा की महाआरती इस बार भाद्रपद पूर्णिमा पर विशेष रूप से सम्पन्न हुई। चूंकि शाम को खग्रास चंद्र ग्रहण लगने वाला था, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आरती का समय परिवर्तित कर दिया गया।
महाआरती के संयोजक प्रशांत मुन्नू दुबे ने बताया कि ग्रहण काल से पूर्व ही पूजा-पाठ और अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है। इसी कारण परंपरागत शाम की महाआरती को सुबह प्रातः 6:30 बजे ही सम्पन्न किया गया।
इस पावन अवसर पर विद्वान विप्रजनों ने मां नर्मदा का विधिविधान से पूजन किया। शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच पंचमुखी दीपों से मां की भव्य आरती उतारी गई, जिससे पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो उठा।
